महाकाल महाकाल - संज्ञा पुं० महादेव । महाकाली - संज्ञा स्त्री० १. महाकाल २. दुर्गा की (शिव) की पत्नी । एक मूर्त्ति । महाकाव्य-संज्ञा पुं० वह बहुत बड़ा सर्गबद्ध काव्य जिसमें प्राय: सभी रसों, ऋतुओं और प्राकृत दृश्यों तथा सामाजिक कृत्यों आदि का वर्णन हो । महाखर्व - संज्ञा पुं० सैौ खर्ब की संख्या या श्रंक | महागौरी - संज्ञा स्त्री० दुर्गा | महाजन-संज्ञा पुं० १. धनवान् । २. बनिया | महाजनी - संज्ञा स्त्री० १. रुपए के लेने- देने का व्यवसाय | २. मुड़िया । महाजल - संज्ञा पुं० समुद्र | महातत्त्व-संज्ञा पुं० दे० " महत्तत्त्व" । महातम - संज्ञा पुं० दे० "माहात्म्य" । महातल - संज्ञा पुं० से पृथ्वी के नीचे या तत । चौदह भुवनों में का पाँचव भुवन महात्मा - संज्ञा पुं० १. महानुभाव । २. बहुत बड़ा साधु या सैन्यासी । महादंडधारी-संज्ञा पु० यमराज । महादान - संज्ञा पुं० १. वे बहुत बड़े दान जिनसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। २. वह दान जो ग्रहण श्रादि के समय छोटी जातियों को दिया जाता है । महादेव - संज्ञा पुं० शिव । महादेवी - संज्ञा स्त्री० १. दुर्गा । २. राजा की प्रधान पत्नी या पटरानी । महाद्वीप-संज्ञा पुं० पृथ्वी का वह बड़ा भाग जिसमें अनेक देश हों । महाधन - वि० १. बहुमूल्य । २. बहुत धनी । ६०३ महाबल महान - वि० विशाल । महानंद-संज्ञा पुं० मगध देश का एक प्राचीन प्रतापी राजा । महानिद्रा - संज्ञा स्त्री० मृत्यु | महानिशा - संज्ञा स्त्री० १. श्राधी रात । २. कल्पांत या प्रलय की रात्रि । महानुभाव - संज्ञा पुं० महापुरुष । महानुभावता - संज्ञा स्त्री० बड़प्पन | महापथ- सज्ञा पुं० १. लंबा और चौड़ा रास्ता । २. मृत्यु । महापद्म-संज्ञा पुं० १. नौ निधियों में से एक । २. सफ़ द कमल । महापातकी संज्ञा पुं० वह जिसने महापातक किया हो । महापात्र - संज्ञा पुं० १ श्रेष्ठ ब्राह्मण । ( प्राचीन ) २. महाब्राह्मण या - कहा ब्राह्मण जो मृतक कर्म का दान लेता है । महापुरुष - संज्ञा पुं० १. नारायण २. श्रेष्ट पुरुष । महाप्रभु -संज्ञा पुं० ईश्वर । - जब । महाप्रलय - संज्ञा पुं० वह काल, संपूर्ण सृष्टि का विनाश हो जाता है और अनंत जल के प्रतिरिक्त कुछ भी नहीं रहता है। महाप्रसाद - संज्ञा पुं० १. ईश्वर या देवताओं का प्रसाद । ( व्यंग्य ) महाप्रस्थान - संज्ञा पुं० २. मांस | १. शरीर त्यागने की कामना से हिमालय की श्रोर जाना । २. देहांत । महाप्राण - संज्ञा पुं० व्याकरण के अनु- सार वह वर्ण जिसके उच्चारण में प्राण वायु का विशेष व्यवहार करना पड़ता है । महाबल - वि० अत्यंत बलवान् ।
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