मातृभाषा रीति जिसमें पूवों से पितरों का पूजन किया जाता है । मातृभाषा-संज्ञा स्त्री० वह भाषा जो बालक माता की गोद में रहते हुए बोलना सीखता है । २. मात्र - अव्य० केवल । सिफ़ । मात्रा - संज्ञा स्त्री० १. परिमाण । उतना काल जितना एक ह्रस्व श्रक्षर के उच्चारण में लगता है । मात्रिक - वि० १. मात्रा संबंधी । । २. जिसमें मात्रात्रों की गणना की जाय । मात्सर्य - संश पुं० ईर्ष्या । डाह । माथा - संज्ञा पुं० सिर का ऊपरी भाग । मस्तक । माथुर -संज्ञा पुं० [ स्त्री० माथुरानी ] १. मथुरा का निवासी । २. ब्राह्मणों की एक जाति । ३. कायस्थों की एक जाति । माथे - क्रि० वि० १. मस्तक पर । २. भरोसे | मादक - वि० नशा उत्पन्न करनेवाला । मादकता-संज्ञा स्त्री० मादक होने का भाव । नशीलापन | मादर-संज्ञा स्त्री० म । माता । मादरज़ाद - वि० १. जन्म का । पैदा- इशी । २. बिजकुल नंगा । मादा -संज्ञा स्त्री० स्त्री जाति का प्राणी । नर का उलटा | ( जीव-जंतु ) माद्दा - संज्ञा पुं० १. मूल तत्व । २. योग्यता । माद्री-संज्ञा स्त्री० पांडु राजा की पत्नी और नकुल तथा सहदेव की माता । माधव -संज्ञा पुं० १. विष्णु । २. वैशाख मास । ३. वसंत ऋतु । माधवी - संज्ञा स्त्री० एक प्रसिद्ध लता जिसमें सुगंधित फूल लगते हैं । माधुरी - संज्ञा स्त्री० १. मिठास । २. ६०८ मान-मनौती शोभा । माधुर्य - संज्ञा पुं० १. मधुरता । २. २. सु दरता । माधो- संज्ञा पुं० १. श्रीकृष्ण । श्री रामचंद्रजी । माध्यम - वि० मध्य का । बीचवाला । संज्ञा पुं० कार्य्यसिद्धि का उपाय या साधन । माध्यमिक- संज्ञा पुं० १. बौद्धों का एक भेद । २. मध्य देश । माध्याकर्षण - संज्ञा पुं० पृथ्वी के मध्य भाग का वह श्राकर्षण जो सदा सब पदार्थों को अपनी ओर खींचता रहता है । माध्व-संश पुं० वैष्णवों के चार मुख्य संप्रदायों में से एक जो मध्वाचार्य्यं का चलाया हुआ है । माध्वी-संज्ञा स्त्री० मदिरा | शराब | मान-संज्ञा पुं० १. भार, तौल या नाप श्रदि । २. पैमाना । ३. श्रभिमान । । ४. प्रतिष्ठा । मानगृह - संज्ञा पुं० मानचित्र - संज्ञा पुं० कोप भवन । 1 किसी स्थान का २. बना हुआ नक्शा । मानता संज्ञा स्त्री० दे० " मन्नत" । मानना - क्रि० अ० १. अंगीकार करना । स्वीकार करना। २. कल्पना करना। ३. ध्यान में लाना । क्रि० स० १. स्वीकृत करना । श्रादर करना । ३. देवता आदि की भेंट करने का प्रण करना । माननीय - वि० [ स्त्रो० माननीया ] जो मान करने के योग्य हो । पूजनीय । मान-मनौती - संज्ञा श्री० १. मन्नत । मनाती । २. रूठने और मानने की क्रिया |
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