राज्यतंत्र राज्यतंत्र - संज्ञा पुं० राज्य की शासन- प्रणाली । राज्य- राज्यव्यवस्था -संज्ञा श्री० नियम । नीति । कानून । राट-संज्ञा पुं० राजा । बादशाह | राठौर - संज्ञा पुं० दक्षिण भारत का एक प्रसिद्ध राजवंश । राड़ - वि० नीच । राढ़-संज्ञा स्त्री० रार । झगड़ा । रादि-संज्ञा पुं० बंग के उत्तरी भाग का नाम । राणा-संज्ञा पुं० राजा । रात-संज्ञा श्री० संध्या से प्रातःकाल तक का समय । रजनी । रातना-क्रि० प्र० १. लाल रंग से रंग जाना । २. अनुरक्त होना । राता० - वि० [स्त्री० राती ] १. लाल । सुर्ख । २. रंगा हुआ । रातिब - संज्ञा पुं० पशुओं का भोजन । रात्रि - सज्ञा स्त्री० रात | रात्रिचारी - संज्ञा पुं० राक्षस । राधन -संज्ञा पुं० साधने की क्रिया । राधना- क्रि० स० श्राराधना करना । पूजा करना । राधा - संज्ञा खो० वृषभानु गोप की कन्या और श्रीकृष्ण की प्रेयसी । राधावल्लभी - संज्ञा पुं० वैष्णवों का एक प्रसिद्ध संप्रदाय । राधिका - संज्ञा ६४८ का धान । रामराज्य राब - संज्ञा श्री० औटाकर खूब गाढ़ा गन्ने का रस । • किया हुआ राम-संज्ञा पुं० १. परशुराम । २. बलराम । ३. श्रीरामचंद्र | 8. ईश्वर । रामगिरि-संज्ञा पुं० नामपुर ज़िले की एक पहाड़ी । रामचंद्र - संज्ञा पुं० अयोध्या के राजा महाराज दशरथ के बड़े पुत्र जो विष्णु के मुख्य अवतारों में हैं। रामजना - संज्ञा पुं० [स्त्री० रामजनी एक संकर जाति जिसकी कन्याएँ वेश्यावृत्ति करती हैं । रामटेक - संज्ञा पुं० नागपुर ज़िले की एक पहाड़ी । रामगिरि । रामतरोई -संज्ञा बी० दे० "भिंडी" । राम दल - संज्ञा पुं० रामचंद्रजी की बंदरोंवाली सेना | रामदाना - संज्ञा पुं० मरसे या चौलाई की जाति का एक पौधा । रामदास - संज्ञा पुं० १. हनुमान् । २. दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध महात्मा - जो छत्रपति महाराज शिवाजी के गुरु थे । रामधाम- संज्ञा पुं० साकेत लोक | रामनवमी - संज्ञा खी० चैत्र सुदी नवमी जिस दिन रामजी का जन्म हुआ था । स्त्री० वृषभानु गोप रामनामी-संज्ञा पुं० वह कपड़ा जिस की कन्या, राधा । पर "राम राम' छपा रहता है । रान-संज्ञा बी० जंघा । जाँघ । रामरज - संज्ञा स्त्री० एक प्रकार की राना-संज्ञा पुं० दे० "राया" । पीली मिट्टी जिसका तिलक लगाते हैं । रानी -संज्ञा स्त्री० १. राजा की स्त्री । रामरस-संज्ञा पुं० नमक । २. स्वामिनी । रामराज्य - संज्ञा पुं० अत्यंत सुख- दायक शासन | रानी - काजर-संज्ञा पुं० एक प्रकार
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