बिहारी रति-क्रीड़ा । विहारी-संज्ञा पुं० [स्त्री० विहारिणी ] १. विहार करनेवाला । २. श्रीकृष्य । विहित- वि० जिसका विधान किया गया हो । विहीन - वि० २. त्यागा हुआ । [संज्ञा विशेनवा] १. बग़ैर । विह्वल - वि० [संज्ञा विह्वलता ] घबराया हुधा । वीक्षण-संज्ञा पुं० देखना । धीचि -संज्ञा स्त्री० बहर । धीचिमाली - संज्ञा पुं० समुद्र । वीची-संज्ञा श्री० तरंग | घीज - संज्ञा पुं० १. मूल कारण । २. वीर्य । ३. अन आदि का बीज । वीजगणित - संज्ञा पुं० एक प्रकार का गणित जिसमें अज्ञात राशियों को जानने के लिये कुछ सांकेतिक चिह्नों आदि की सहायता से गणना की जाती है । ६६६ वीणा-सज्ञा श्री० बीन । वीणापाणि-संज्ञा खी० सरस्वती । घीत - वि० १. जो छोड़ दिया गया हो। २. जो छूट गया हो । वीतराग - संज्ञा पुं० वह जिसने राग या श्रासक्ति का परित्याग कर दिया हो । वीथिका - संज्ञा खी० दे० "वीथी" । वीथी - संज्ञा स्त्री० मार्ग । वीर-संज्ञा पुं० १. बहादुर । २. योद्धा । धीरकेशरी - संज्ञा पुं० वह जो वीरों में सिंह के समान श्रेष्ठ हो । वीरगति-संज्ञा स्त्री० वह उत्तम गति जो वीरों को रणक्षेत्र में मरने से प्राप्त होती है । धीरता-संज्ञा श्री० शूरता । वीरमाता-संज्ञा श्री० वीर - जननी । वृद्धता वीरललित - संज्ञा पुं० वीरों का सा, पर साथ ही कोमल स्वभाव | वीरशय्या - संज्ञा बी० रणभूमि । वीरा - संज्ञा स्त्री० मदिरा । वीरान - वि० १. उजड़ा हुआ । २. श्रीहीन । । वीरासन-संज्ञा पुं० बैठने का एक प्रकार का आसन या मुद्रा । वीर्य्य-संज्ञा पुं० १. बीज । २. बा । वृंद - संज्ञा पुं० समूह | वृंदा -संज्ञा स्त्री० १. तुलसी । २. राधिका का एक नाम । वृंदावन - संज्ञा पुं० मथुरा जिले का एक प्रसिद्ध प्राचीन तीर्थ जो भगवान् श्रीकृष्णचंद्र का कीड़ा क्षेत्र माना जाता है । वृक - संज्ञा पुं० १. भेड़िया । २. श्रृगाल । चुकेोदर-संथा पुं० भीमसेन । वृक्ष-संज्ञा पुं० पेड़ | दरख्त | वृत्त - संज्ञा पुं० १. चरित्र । चार । ३. समाचार । । २. प्रा- वृत्तखंड -संज्ञा पुं० १. किसी वृत्त या गोलाई का कोई अंश । २. मेहराब । वृत्तांत - संज्ञा पुं० समाचार | वृति - संज्ञा श्री० १. रोज़ी । भाव । प्रकृति । ३. दीन या छात्र आदि को दिया जानेवाला नियमित धन । २. स्व- वृत्र-संक्षा पुं० १. अँधेरा । २. मेघ । ३ शत्रु | वृथा - वि० [भाव० वृथात्व] बिना मत- लब का । क्रि० वि० बिना मतलब के । वृद्ध--संज्ञा पुं० १ बुड्ढा । २. पंडित । वृद्धता-संज्ञा बी० १. बुढ़ापा । २.
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