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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/७२२

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शोधक तलाश । शोधक - संज्ञा पुं० १. शोधनेवाला । २. खोजनेवाला । शुद्ध करना । ३. औषध के ३. औषध के करना । शोधन- संज्ञा पुं० १. छान-बीन । २. जाँच | तलाश करना। ३. विरेचन । शोधना- क्रि० स० १. २. दुरुस्त करना । लिये धातु का संस्कार शेाभन - वि० सुंदर । शोभना - संज्ञा स्त्री० १. सुंदरी स्त्री । २. हलदी ।

  • क्रि० स० शोभित होना ।

शोभांजन-संज्ञा पुं० सहिजन । शोभा-संज्ञा खो० छबि । सुंदरता । छुटा । शोभायमान- वि० सेोहता हुश्रा । सुंदर । शोभित - वि० १. सुंदर । २. अच्छा लगता हुना । शोर-संज्ञा १० जोर की आवाज़ । शोरबा - संज्ञा पुं० किसी उबाली हुई वस्तु का पानी। जूस । रसा । शोरा-संज्ञा पुं० एक प्रकार का चार जो मिट्टो में निकलता है । शाळा-संज्ञा पुं० श्राग की लपट । शोष -संज्ञा पुं० १. सूखने का भाव । खुश्क होना। २. राजयक्ष्मा का भेद । यी । ७१४ शेषिक संज्ञा पुं० १. जल, रस या तरी खींचनेवाला । २. दोय करने- वाला । शेषण- संज्ञा पुं० सोखना । , लुश्क करना । शोहदा -संज्ञा पुं० १. व्यभिचारी । २. गुंडा शोहरत - संज्ञा त्री० नामवरी । ख्याति । जनरव । श्यामल शोहरा-संज्ञा पुं० दे० शौक -संज्ञा पुं० १. " शोहरत" । किसी वस्तु की प्राप्ति या भोग की तीव्र अभिलाषा । २. व्यसन । चसका । शौकत - संज्ञा स्त्री० दे० " शान" । शौकीन -संज्ञा पुं० १. शैक करनेवाला । २. सदा बना-ठना रहनेवाला । शौक़ीनी - संज्ञा स्त्री० शौकीन होने का भाव या काम । शौच - संज्ञा पुं० १. शुद्धता । पवित्रता । २. वे कृत्य जो प्रातःकाल उठकर सबसे पहले किए जाते हैं । ३. पाखाने जाना | शौत-संज्ञा स्त्री० दे० "सौत" । शौनक -संज्ञा पुं० एक प्राचीन ऋषि । शैौर्य-सज्ञा पुं० वीरता । बहादुरी । शौहर -संज्ञा पुं० स्त्री का पति । स्वामी । खाविंद | श्मशान - संज्ञा पुं० वह स्थान जहाँ मुरदे जलाए जाते हों । मरघट । श्मशानपति - संज्ञा पुं० शिव । श्याम - संज्ञा पुं० १. श्रीकृष्ण का एक नाम । २. मेघ । ३. स्याम नामक देश | वि० १. काला और नीला मिला हुआ (रंग)। २. काला । विछा । श्यामकर्ण - संज्ञा पुं० वह घोड़ा जिसका सारा शरीर सफेद और एक कान काला हो । श्याम जीरा - संज्ञा पुं० १. एक प्रकार का धान । २. काळा ज़ीरा । श्यामता - संज्ञा खी ०१. श्याम का भाव या धर्म्म । सविलापन । २. उदासी । श्यामल - वि० जिसका वर्ण कृष्ण हो । काला ।