सहगमन ७४५ सहवास सहगमन - संज्ञा पुं० पति के शव के सहनभंडार - संज्ञा पुं० १. कोच । साथ पक्षी का सती होना । सहगामिनी-संज्ञा श्री० स्त्री । सहगामी -संज्ञा पुं० साथी । सहगौनः - संज्ञा पुं० दे० " सहगमन"। सहचर -संज्ञा पुं० सेवक । नौकर । सहचरी - संज्ञा स्त्री० १. सहचर का स्त्री० रूप। २. पक्षी । जोरू । ३. सखी । सहचार- पंश पुं० संग । सहचारिणी -संज्ञा स्त्री० रहनेवाली । सहचारिता-संज्ञा स्त्री० होने का भाव । सोहबत । साथ में सहचारी सहचारी - संज्ञा पुं० १. संगी । २. सेवक । सहज - वि० १. साधारण । २. सरळ | आसान । सहज पंथ-संज्ञा पुं० गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय का एक निम्न वर्ग । सहजात - वि० सहोदर । सहताना - क्रि० प्र० दे० "सुस्ताना" । सहदानी: +-पंज्ञा स्त्री० निशानी । पहचान । सहदेई - संज्ञा खो० तुप जाति की एक पहाड़ी वनौषधि | सहदेव - पंशा पुं० राजा पांडु के सबसे छोटे पुत्र । सहधर्मचारिणी -संज्ञा स्त्री० पत्नी । सद्दन -संज्ञा पुं० सहने की क्रिया । बरदाश्त करना । संज्ञा पुं० १. संकान के बीच में या सामने का खुला छोड़ा हुआ भाग । अगिन । २. एक प्रकार का बढ़िया रेशमी कपड़ा | खजाना । २. धन-राशि | सहनशील - वि० बरदाश्त करनेवाला । सहिष्णु । सहना- क्रि० स० बरदाश्त करना । भेजना । भोगना । सहनीय - वि० सहन करने योग्य । सहपाठी -संज्ञा पुं० वह जो साथ में पढ़ा हो । सहाध्यायी । सहभोज, सहभोजन-पंज्ञा पुं० एक साथ बैठकर भोजन करना । सहभोजी-संज्ञा पुं० वे जो एक साथ बैठकर खाते हों । सहम-संज्ञा पुं० १. डर । भय । २. संकोच | सहमत - वि० एक मत का । सहमना - क्रि० अ० भयभीत होना । डरना । सहमरण -संज्ञा पुं० स्त्री का मृत पति के शव के साथ सती होना । सहमृता-संज्ञा स्त्री० सती । सहयोग - संज्ञा पुं० १. साथ मिलकर काम करने का भाव । २. सहायता । सहयोगी -संज्ञा पुं० सहायक | मदद- गार । सहराना कि० स० दे० " सह- बाना" ।
- क्रि० प्र० डर से कपिना ।
सहरी - संज्ञा बी० १. सफरी मछली । २. दे० " सहरगही" । सहल - वि० जो कठिन न हो । सहलाना - क्रि० स० धीरे धीरे किसी वस्तु पर हाथ फेरना । सुहराना । क्रि० म० गुदगुदी होना । खुजलाना । सहवास - संज्ञा पुं० १. संग। साथ २. संभोग । |