सुखदास सुखदास-संज्ञा पुं० एक प्रकार का अगहनी बढ़िया धान । सुखधाम -संज्ञा पुं० १. सुख का घर । २. वैकुंठ | सुखप्रद - वि० सुख देनेवाला । सुखमा-मंशा बी० शेोभा । छबि । ७६४ सुचाल महक । सुवास । खुशबू । सुगंधि-संज्ञा स्त्री० अच्छी महक । सौरभ । खुशबू | सुगंधित - वि० जिसमें अच्छी गंध हो । सुखमन-सा बो० दे० "सुषुम्ना" । सुगत-संज्ञा पुं० बुद्धदेव । सुखवंत - वि० सुखी । सुखवन-संशा पुं० वह कमी जा किसी चीज़ के सूखने के कारण होती है। सुखसाध्य - वि० सुकर । सहज | सुखसार-संज्ञा पुं० मोक्ष | सुखांत संज्ञा पुं० वह नाटक जिसके अंत में कोई सुवपूर्ण घटना ( जैसे संवेग ) हो । सुखाना - कि० स० गीली या नम चीज़ को धूप आदि में इस प्रकार रखना जिससे उसकी नमी दूर हो । + क्रि० प्र० दे० " सूखना" । सुखारा, सुखारी -वि० [हिं० सुव + श्रारा ( प्रत्य० ) ) सुवी । प्रसन्न । सुखाला - वि० [ बा० सुखाला ] सुख- दायक | सुखावह - वि० सुख देनेवाला । सुखित्रा - वि० दे० " सुखिया" । सुखिता-संज्ञा खा० सुख । आनंद | सुखिया - वि० दे० "सुखी" । सुखिर - संज्ञा पुं० साँप का बिन्न । सुखी - वि० जिसे सब सुख हो । प्रकार का सखेन - संज्ञा पुं० दे० "सुषेण" । सुखैना + - वि० सुख देनेवाला । सुख्याति -संज्ञा स्त्री० प्रसिद्धि । कीर्ति । यश । सुगंध -संज्ञा श्री० अच्छी और प्रिय सुगति-संज्ञा स्त्री० मरने के उपरांत होनेवाली उत्तम गति । मोक्ष | सुगना + - संज्ञा पुं० तेोता । सुँगम - वि० सरल सहज । | । सँगमता-संज्ञा स्त्री० सुगम होने का भाव । श्रासानी । सुगम्य - वि० जिसमें सहज में प्रवेश हो सके । सगरा -संज्ञा पुं० वह जिसने अच्छे गुरु से मंत्र लिया हो । सुग्गा -संज्ञा पुं० तोता । सूश्रा । संग्रोव - संज्ञा पुं० बालि का भाई और वानरों का राजा । वि० जिसकी ग्रीवा सुंदर हो । सघटित - वि० अच्छी तरह से बना या गढ़ा हुआ । बड़ - वि० सुंदर । सुडै च । संघड़ता-संज्ञा खो० दे० "सुवइपन"। संघड़पन -संज्ञा पुं० सु ंदरता । संघर - वि० दे० "सुवद" । संघरी-संज्ञा ब्रो० शुभ समय । संचरित, सचरित्र -संज्ञा पुं० उत्तम श्राचरणवाला । नेकचलन | सवाना- क्रि० स० किसी को सोचने या समझने में प्रवृत्त करना । सुचार#- पंशा स्त्रो० दे० "सुचाल" । बि० सुंदर । सवाह - वि० अत्यंत सुंदर | सुचाल - पंहा बी० उत्तम प्राचरण | सदाचार |
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