सरजमुखी सरजमुखी - संज्ञा पुं० एक प्रकार का पौधा जिसका पीले रंग का फूल दिन के समय ऊपर की ओर रहता और सूर्यास्त के बाद झुक जाता है। सरजसुत-संज्ञा पु० सुप्रोच । सरजसता - संज्ञा स्त्री० दे० "सूर्य- सुना" । स. रत-संज्ञा बी० रूप । श्राकृति । G शक्ल । सरता, सूरताई:: - संज्ञा खो० दे० "शूरता" । स रति-संज्ञा स्त्री० १. दे० " सूरत" । २. सुध । स्मरण । सरदास-संज्ञा १० उत्तर भारत के एक प्रसिद्ध कृष्ण-भक्त महाकवि और महात्मा जे। अंधे थे। ये हिंदी भाषा के सर्वश्रेष्ठ कवियों में से एक हैं । सग्न- संज्ञा पुं० एक प्रकार का कंद | ज़र्मोकंद | थोल | सपनखा ] - संज्ञा स्त्री० दे० "शूर्प- खा" । सरपुत्र - संज्ञा पुं० सुग्रीव । सरमा- संज्ञा पुं० योद्धा । वीर । स रेमापन - संज्ञा पुं० वीरस्व शूरता । सरमुखी मनि | - संज्ञा पुं० दे० "सूर्य कांतमणि" । 1 सरवाँ - संज्ञा पुं० दे० " सूरमा" । सरे- सावंत - संज्ञा पुं० १. युद्धमंत्री । ૭૭૬ २. नायक । सरदार । सरसत-संज्ञा पुं० शनि ग्रह । सरे संता-संज्ञा स्त्री० यमुना । स. रसेन -संज्ञा पुं० दे० " शूरसेन" | सरसेनपुर:- संज्ञा पुं० दे० " मथुरा" । सरेराख - संज्ञा पुं० छेद | छिन । सय्योदय सरि संज्ञा पुं० १. यह करानेवाला । स्विज । २. पंडित । ३. कृष्या का एक नाम | सर्पनखा - संज्ञा स्त्री० दे० "शूर्प- ७ गखा" । सय्य-संज्ञा पुं० सूरज । भाकृताब । सय्र्यकांत संज्ञा पुं० एक प्रकार का म्फेटिक या बिल्लौर । G सर्यग्रहण - संज्ञा पुं० सूर्य का ग्रहण या चंद्रमा की छाया में आना । स य्र्यतनया - संज्ञा स्त्री० यमुना । सय्र्यपुत्र - संज्ञा पुं० १. शनि । २. सुग्रीव ३. कर्ण । सय्र्यपुत्री - संज्ञा स्त्री० यमुना । सर्यप्रभ - वि० सूर्य के समान दीप्ति- मोनू . सय्र्यमणि-संज्ञा पुं० दे० "सूर्य्यति मेखि" । -- स.र्यमुखी - मंशा ० दे० " सूरजमुखी" । सय्र्यवंश - संज्ञा पुं० चत्रियों के दो श्रोदि और प्रधान कुलों में से एक । सय्र्यवंशी - वि० सूर्यवंश का । जो सूर्यवंश में उत्पन्न हुआ हो । सय्य संक्रांति - संज्ञा स्त्री० सूर्य का a एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश । स सुत-संज्ञा पुं० दे० "सूर्य्य पुत्र' | सरया संज्ञा स्त्री० सूर्य की पत्नी संज्ञा । सय्यवित्तं - संज्ञा पुं० १. हुलहुल का पौधा । २. एक प्रकार की सिर की पीड़ा । श्राधासीसी । सय्यस्ति संज्ञा पुं० १. सूर्य का छिपना या डूबना । २. सायंकाल | सय्योदय- संज्ञा पुं० १ सूर्य का उदय या निकलना। २. प्रातः काल । -
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