सधव सैंधव - संज्ञा पुं० १. सेंधा नमक । २. सिंध देश का घोड़ा । संघवी - संज्ञा स्त्री० संपूर्ण जाति की एक रागिनी । सेंवर + - संज्ञा पुं० दे० "साँभर" । सैंह1 - कि० वि० दे० "साह" । सै। - वि०, संज्ञा पुं० सैौ । मंज्ञा स्त्री० १. तव । २. वीर्य । शक्ति । ३. बढ़ती । बरकत । सैकड़ा - मंज्ञा पुं० सै। का समूह । शत- समष्टि । सैकड़े - कि० वि० प्रति सैौ के हिसाब मे । प्रतिशत फीसदी । सैकड़ों - वि० १. कई सै। । ०१. । २. २. बहु- ७८० संख्यक | सैकत - वि० रेतीला । बलुश्रा । सैक़ल - संज्ञा पुं० हथियारों को साफ करने और उन पर सान चढ़ाने का काम । सोंठ का आदमी । सिपाही । २. संतरी । वि० सेना -संबंधी । सैनी - संज्ञा पुं० हजाम | संज्ञा जी० दे० "सेना" । सैनू - संज्ञा पुं० एक प्रकार का बूटेदार कपड़ा | नैनू । सैनेश - संज्ञा पुं० सेनापति । सैन्य -संज्ञा पुं० सेना । फ़ौज । सैफ-संज्ञा खो० तलवार । सैमंतिक-संज्ञा पुं० सिंदूर | सेंदुर । सैयद - संज्ञा पुं० १. मुहम्मद साहब के नाती हुसैन के वंश का आदमी । २. मुसलमानों के चार वर्गों में से एक वर्ग । सैय-मंज्ञा पुं० पति । सैरंध्री-मंज्ञा स्त्री० १. सैरंध्र नामक संकर जाति की स्त्री । २. द्रौपदी । सैर-संशा खो० मन बहलाने के लिये घूमना-फिरना । सैकलगर - संज्ञा पुं० तलवार, छुरी सैल] - संज्ञा पुं० दे० "शैल" । श्रादि पर बाढ़ रखनेवाला । सैथी - मंज्ञा स्त्री० बरछी । सैद - मंशा पुं० दे० "सैयद" । सैद्धांतिक-संज्ञा पुं० सिद्धांत को जाननेवाला | वि० सिद्धांत-संबंधी । तत्त्व-संबंधी । सैन संज्ञा स्त्री० संकेत । इशारा |
- संज्ञा पुं० १. दे० " शयन" । २.
दे० " श्येन" ।
- संज्ञा स्त्री० दे० "सेना" ।
सैना 1 - संज्ञा स्त्री० दे० "सेना" । सैनापत्य-मंज्ञा पुं० सेनापति का पद या कार्य। सेनापतित्व । बि० सेनापति-संबंधी । सैनिक - संज्ञा पुं० १. सेना या फौज ' संज्ञा श्रो० बाढ़ जल-प्लावन । सैलजा - मंज्ञा श्री० दे० "शैलजा " । सैलानी - वि० सैर करनेवाला । मन- माना घूमनेवाला । सैलूख - संज्ञा पुं० दे० "शैलूष” । सैव :- मंशा पुं० दे० "शैव" । सैवलिनी - संज्ञा स्त्री० दे० "शैव- लिनी" । सों-प्रत्य० करण और अपादान कारक का चिह्न । द्वारा से । । सोंचर नमक - संज्ञा पुं० दे० "काला नमक" । सोंग-संज्ञा पुं० मे टी छड़ी । डंडा । सांठ-संज्ञा खौ० सुखाया हुआ अद- रक । शुठि ।