सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/८०४

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

हड़ताल हड़ताल - संज्ञा स्त्री० किसी बात से असंतोष प्रकट करने के लिये दूकान दारों का दूकानें बंद कर देना । संज्ञा स्त्री० दे० "हस्ताल" | २. हड़प - वि० १. निगला हुआ । गायब किया हुआ । हड़पना- क्रि० स० १. मुँह में डाल २. अनुचित रीति से ले लेना । लेना । हड़बड़ -संज्ञा श्री० जल्दबाज़ी प्रकट करनेवाली गति-विधि | हड़बड़ाना- क्रि० म० जल्दी करना । धातुर होना । क्रि० स० किसी को जल्दी करने के लिये कहना । हड़बड़िया - वि० हड़बड़ी करनेवाला । जल्दबाज़ | 0 ७६६ - हड़बड़ी मंशा स्त्री० उतावली । हड़ावारे, हड़ावल - संज्ञा स्त्री हड्डियों का ढांचा । ठठरी । हड्डा - संज्ञा पुं० मधुमक्खियों की तरह का एक कीड़ा। बरें । हड्डी - संज्ञा बी० शरीर के अंदर की वह कठोर वस्तु जो भीतरी ढाँचे के रूप में होती है । अस्थि । हृत - वि० १. वध किया हुआ । २. विहीन | 1 हतक - संज्ञा श्री० हेठी। बेइज्ज़ती । हतक इज्ज़ती-संज्ञा स्त्री० श्रप्रतिष्ठा । मानहानि । हृतदैव - वि० अभागा | हतना - कि० स० १ वध करना । २. मारना । पीटना । हतबुद्धि - वि० मूर्ख । हतभागा, हतभागी - वि० [खी० इट- मागिन, इतभागिनी ] प्रभागा । हतभाग्य-वि० भाग्यहीन । हता - कि० स० था । trafa हताश - वि० निराश । नाउम्मीद । हताहत - वि० मारे गए और घायल । हतोत्साह - वि० जिसे कुछ करने का उत्साह न रह गया हो । हत्थ७ - संज्ञा पुं० दे० " हाथ" । हत्था -संज्ञा पुं० औज़ार का वह भाग जो हाथ से पकड़ा जाता है। दस्ता । हत्थी-संज्ञा स्त्री० औज़ार या हथियार का वह भाग जो हाथ से पकड़ा जाता है । हत्थे - क्रि० वि० हाथ में । हत्या - संज्ञा श्री० १. मार डालने की क्रिया । वध । २. संकट । हत्यारा -संज्ञा पुं० [स्त्री० हत्यारिन, हत्यारो ] हत्या करनेवाला । हत्यारी - संज्ञा स्त्री० प्राणवध का दोष । हथ - संज्ञा पुं० 'हाथ' का संक्षिप्त रूप । हथकंडा - संज्ञा पुं० १. हाथ की सफ़ाई । २. चालाकी का ढंग । हथकड़ी-संज्ञा श्री० ले | हे का वह कड़ा जो कैदी के हाथ में पहनाया जाता है । हथनाल - संज्ञा पुं० वह तोप जो हाथी पर चलती थी । गजनाल । हथनी - संज्ञा की ० हाथी की मादा । हथफूल - संज्ञा पुं० हथेली की पीठ पर पहनने का एक जड़ाऊ गहना । हथफेर - संज्ञा पुं० थोड़े दिनों के लिये लिया या दिया हुआ कज़ ! हथलेवा - संज्ञा पुं० विवाह में वर का कन्या का हाथ अपने हाथ में लेने की रीति । पाणिग्रहण | हथवास-संगा पुं० नाव चलाने के सामान; जैसे-पतवार, डाँड़ा।