हयसार हथसार-संज्ञा बी० वह घर जिसमें हाथी रखे जाते हैं। फीलखाना । हथाह थी | - अव्य० १. हाथो-हाथ | २. शीघ्र । हथिनी - संज्ञा स्त्री० दे० "हथनी" । हथिया - संज्ञा पुं० हस्त नक्षत्र । हथियाना- क्रि० स० १. हाथ में १. हाथ में करना । २. धोखा देकर ले लेना । हथियार - संज्ञा पुं० १. हाथ से पकड़- कर काम में लाने की साधन-वस्तु । श्रौज़ार । २. प्रत्र-शस्त्र । हथियारबद - वि० जो हथियार बांधे हो । सशस्त्र हथेरी - संज्ञा स्त्री० दे० " हथेली" । हथेली - संज्ञा स्त्री० हाथ की कलाई का चौड़ा सिरा जिसमें उँगलियाँ लगी होती हैं । करतल । हथैोटी-संज्ञा बी० किसी काम में हाथ लगाने का ढंग | हथौड़ा - संज्ञा पुं० [स्त्री० अल्पा० हथौड़ी] वह औज़ार जिससे कारीगर किसी धातुखंड को तोड़ते, पीटते या गढ़ते हैं। मारतील । । हथौड़ी - संज्ञ बी० छोटा हथौड़ा । हथ्यार+- संज्ञा पुं० दे० " हथियार" । हद - संज्ञा खो० १. सीमा । मया । २. किसी वस्तु या बात का सबसे अधिक परिणाम जो ठहराया गया हो । हदीस - संज्ञा श्री० मुसलमानों का वह धर्मग्रंथ जिसमें मुहम्मद साहब के वचने का संग्रह है । हमन -संज्ञा पुं० [वि० इननीय, हनित ] १. मार डालना । २. भ्राघात करना । हनना ० क्रि० स० १ वध करना । ७६७ २. प्रहार करना । - हमक इतिवंत - संज्ञा पुं० दे० "हनुमान" | हनुव-संज्ञा पुं० दे० "हनुमान्" । हनु-संज्ञा स्त्री० १. दाढ़ की हड्डी । बड़ा । २. ठुड्डी । चिबुक । हनुमंत-संज्ञा पुं० दे० "हनुमान्" । हनुमान -संज्ञा पुं० पंपा के एक वीर जिन्होंने सीता हरण के उपरांत रामचंद्र की बड़ी सेवा और सहायता की थी । महावीर | हनूमान् -संज्ञा पुं० दे० "हनुमान्" । हप - संज्ञा पुं० मुँह में घट से लेकर ठ बंद करने का शब्द | हफ़ा - संज्ञा पुं० सप्ताह । हबकना | - क्रि० प्र० खाने या दति काटने के लिये फट से मुँह खोलना । हबर हबर - क्रि० बि० जल्दी जल्दी | उतावली से । हबराना +- क्रि० प्र० दे० दे० "हड़- बड़ाना" । हबशी - संज्ञा पुं० हबश देश का नि- वासी जो बहुत काला होता है । हबूब - संज्ञा पुं० पानी का बबूला । बुल्ला । हब्बा- डम्बा - संश पुं० ज़ोर ज़ोर से साँस या पसली चलने की बीमारी जो बच्चों को होती है । हब्स - संज्ञा पुं० कैद | हम - सर्व ० "मैं" का बहुवचन । हमजोली - संज्ञा पुं० साथी । संगी | हमता - संज्ञा स्त्री० अहंभाव । अहंकार । हमदर्द - संज्ञा पुं० दु:ख में सहानुभूति रखनेवाला । हमदर्दी -संज्ञा बी० सहानुभूति । हमराह-अव्य० साथ | संग में। हमल - संज्ञा पुं० स्त्री के पेट में बच्चे
पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/८०५
दिखावट