हातिम हातिम -संज्ञा पुं० १. निपुण । चतुर । २. किसी काम में पक्का श्रादमी । उस्ताद । ३. एक प्राचीन अरब सरदार जो बड़ा दानी, परोपकारी और उदार प्रसिद्ध है । हाथ - संज्ञा पुं० १. बाहु से लेकर पंजे तक का अंग, विशेषतः कलाई और हथेली या पंजा। कर । हस्त । २. लंबाई की एक नाप जो मनुष्य की कुहनी से लेकर पंजे के छोर तक की मानी जाती है I ३. ताश, जूए आदि के खेल में एक एक आदमी के खेलने की बारी । दाँव । हाथपान - संज्ञा पुं० हथेली की पीठ पर पहनने का एक गहना । हाथफूल - संज्ञा पुं० हथेली की पीठ पर पहनने का एक गहना । हाथा - संज्ञा पुं० मुठिया । हाथाजोड़ी - संज्ञा स्त्री० एक पौधा जो औषध के काम में आता है । हाथापाई, हाथाबाँही -संज्ञा स्त्री० वह लड़ाई जिसमें हाथ-पैर चलाए जायें । भिड़ंत । धौल धप्पड़ । हाथी-संज्ञा पुं० एक बहुत बड़ा स्तन- पायी चौपाया जो सूद के रूप में बढ़ी हुई नाक के कारण और सब जान- वरों से विलक्षण दिखाई पड़ता है । हाथीखाना -संज्ञा पुं० वह घर जिसमें हाथी रखा जाय । फीलखाना । हाथीदाँत - संज्ञा पुं० हाथी के मुँह के दोनों बोरों पर निकले हुए सफेद दाँत जो केवल दिखावटी होते हैं । हाथीनाल - संज्ञा स्त्री० हाथी पर चलने- वाली तोप । हथनाल | गजनाल | हाथीवान-संज्ञा पुं० महावत । फील- वान । ८०५ हारना हादसा - संज्ञा पुं० दुर्घटना । हान 1- संज्ञा स्त्री० दे० "हानि" । हानि-संज्ञा खी० १. नाश । २. नुकु- सान । क्षति | घाटा । हानिकर - वि० १. हानि करनेवाला । जिससे नुकसान पहुँचे । २. बुरा परिणाम उपस्थित करनेवाला । हानिकारक - वि० दे० " हानिकर" | हानिकारी - वि० दे० "हानिकर" । हाफिज़ - संज्ञा पुं० वह धार्मिक मुसल- मान जिसे कुरान कंठ हो । हामी -संज्ञा स्त्री० हामी संज्ञा स्त्री० "६" करने की क्रिया या भाव। स्वीकृति | हाय - भव्य० शोक, दुःख या कष्ट सूचित करनेवाला शब्द | संज्ञा स्त्री० कष्ट । पीड़ा । दुःख । हाय हाय - अव्य० शेोक, दुःख या शारीरिक कष्टसूत्रक शब्द | दे० "हाय" । संज्ञा स्त्री० १. कष्ट । दुःख । शेक | २. घबराहट । हार-संज्ञा स्त्री० लड़ाई, खेल, बाज़ो या चढ़ा ऊपरी में जोड़ या प्रतिद्वंद्वी के सामने न जीत सकने का भाव | पराजय | शिकस्त । संज्ञा पुं० सोने, चांदी या मोतियों आदि की मात्रा जो गले में पहनी जाय । 1 1 प्रत्य० दे० "हारा" । हारक संज्ञा पुं० १. हरण करनेवाला | २. मनोहर । सुदर । ३. चोर । लुटेश । हारद० - वि० दे० "हार्दिक" । हारना- क्रि० प्र० १. प्रतिद्वंद्विता आदि में शत्रु के सामने विफळ होना । पराजित होना । शिकस्व
पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/८१३
दिखावट