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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/८१४

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हारसिंगार खाना । २. थक जाना । ८०६ क्रि० स० लड़ाई, बाज़ी आदि को सफलता के साथ न पूरा करना । हारसिंगार - संज्ञा पुं० दे० "परजाता. " हारा - प्रत्य० एक पुराना प्रत्यय जो किसी शब्द के आगे लगकर कर्त्तव्य, धारण या संयोग श्रादि सूचित करता है । वाला | हारिल - संज्ञा पुं० एक प्रकार की चि दिया जो प्रायः अपने चंगुल में कोई लकड़ी या तिनका लिए रहती है । हारी - वि० १. हरण करनेवाला । २. ले जानेवाला । ३. चुरानेवाला । हारीत - संज्ञा पुं० १. चोर । लुटेरा । २. लुटेरापन । ३. कण्व ऋषि के एक शिष्य । हादि क - वि० १. हृदय संबंधी । २. सवा । हाल- संज्ञा पुं० १. दशा। २. संवाद । समाचार । ३. ब्योरा । कैफियत । वि० वर्त्तमान | अव्य० १. इस समय । श्रभी । २. तुरंत । । संज्ञा स्त्री० १. हिलने की क्रिया या भाव | कंप । २. लोहे का वह बंद जो पहिए के चारों ओर घेरे में चढ़ाया जाता है । हालगोला - संत्रा पुं० गेंद । हालडोल- संथा पुं० हिलने की क्रिया या भाव । गति । हालत-संज्ञा श्री० दशा हालना - क्रि० प्र० हिलना । डोलना । हालांकि अय्य० यद्यपि । गो कि हालाहल - संज्ञा पुं० दे० "हाहब" | हाहू हाली - अभ्य० जल्दी । शीघ्र । हाव-संज्ञा पुं० संयोग समय में नायिका की स्वाभाविक चेष्टाएँ जो पुरुष को आकर्षित करती हैं। हावभाव - संज्ञा पुं० स्त्रियों की वह मनोहर चेष्टा जिससे पुरुषों का चित्त आकर्षित होता है। हाशिया - संज्ञा पुं० कोर | पाड़ | २. गोट । मगज़ी | ३. हाशिए या किनारे पर का लेख । नेट । नाज़-नखरा । १० किनारा । हास - संज्ञा पुं० १. हँसने की क्रिया या भाव। हँसी । २. दिल्लगी । हासिल - वि० प्राप्त पाया हुआ । मिला हुआ। संज्ञा पुं० १. गणित करने में किसी संख्या का वह भाग या अंक जो शेष भाग के कहीं रखे जाने पर बच रहे । २. उपज । ३. लाभ । ४. गणित की क्रिया का फल | हासी - वि० हँसनेवाला । हास्य - वि० १. जिस पर लोग हँसें । २. उपहास के योग्य । । संज्ञा पुं० १. हँसने की क्रिया या भाव | हँसी । २. नौ स्थायी भावों और रसों में से एक। ३. निंदा- पूर्ण हँसी । ४. दिल्लगी । मज़ाक । हास्यास्पद - संज्ञा पुं० वह जिसके बेढंगेपन पर लोग हँसी उड़ावें । हा हंत भग्य० अत्यंत शोक सूचक शब्द । हा हा - संज्ञा पुं० १. हँसने का शब्द । २. बहुत विनती की पुकार । तुहाई । हाहाकार-संज्ञा पुं० घबराहट की चिल्लाहट । कुहराम । हाहू-संज्ञा पुं० हल्लागुल्ला ।