सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/८१८

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

हिलाना हिलाना - क्रि० स० १. डुलाना । २. परिचित चलायमान करना । और अनुरक्त करना । हिलोर, हिलोरा-संज्ञा पुं० तरंग | हिलोरना- क्रि० म० पानी को इस प्रकार हिलाना कि लहरें उठें । हिलाल-संज्ञा पुं० दे० " हिलोर" । हिल्लोळ -संज्ञा पुं० हिलोरा । तरंग | हिघंचल - संज्ञा पुं० पाला । खरफ़ । हिसका - संज्ञा पुं० १. ईर्ष्या । डाह । २. देखादेखी किसी बात की इच्छा । हिसाब - संज्ञा पुं० १. गणित । २. लेन-देन या श्रमदनी खर्च आदि का लिखा हुआ ब्योरा | हिसाब-किताब - संज्ञा पुं० १. श्राम. दनी, खर्च श्रादि का ब्योरा जो लिखा हो । २. ढंग | चाल । हिस्सा - संज्ञा पुं० १. भाग । २. टुकड़ा। हिस्सेदार - संज्ञा पुं० १. वह जिसे कुछ हिस्सा मिला हो । २. साझे- दार | हींग-संज्ञा खो० १. एक छोटा पौधा जो अफ़ग़ानिस्तान और फारस में आपसे श्राप और बहुत होता है । २. इस पौधे से बना हुआ मसाला | हींस - संज्ञा स्त्री० घोड़े या गधे के बो ६१० लने का शब्द | हसना- क्रि० प्र० दे० " हिन हिनाना" । ह्रींहीं-संज्ञा श्री० हँसने का शब्द । ही - अव्य० एक अव्यय जिसका व्यव- हार जोर देने के लिये या विश्वय, अक्ष्पता, परिमिति तथा स्वीकृति आदि सूचित करने के लिये होता है । हीक-संज्ञा स्त्री० हलकी अरुचिकर गंध । हीन - वि० १. परित्यक्त । २. रहित । हुंडी ३. घटिया । हीन कुल - वि० नीच कुल का । हीनता - संज्ञा स्त्री० १. कमी । त्रुटि । २. श्रोछापन | हीनबल - वि० कमज़ोर । हीनबुद्धि - वि० दुर्बुद्धि । मूर्ख | हीनयान - संज्ञा पुं० बौद्ध सिद्धांत की श्रादि और प्राचीन शाखा जिसके ग्रंथ पाली भाषा में हैं । हीन धीर्य्य-संज्ञा पुं० कमज़ोर । हीन - हयात -संज्ञा स्त्री० जीवन-काल । हीनांग - वि० जिसका कोई श्रंग न हो । हीय, होया - संज्ञा पुं० दे० " हिय" । हार-संज्ञा पुं० हीरा नामक रन । हीरक- संज्ञा पुं० हीरा । हीरा-संज्ञा पुं० एक रन या बहुमूल्य पत्थर जो अपनी चमक और कड़ाई के लिये प्रसिद्ध है । वज्रमणि । हीरामन - संज्ञा पुं० तोते की एक कल्पित जाति जिसका रंग सोने का सा माना जाता है । हीला - संज्ञा पुं० बहाना । ही ही संज्ञा स्त्री० ही ही शब्द के साथ हँसने की क्रिया । हुँ - श्रभ्य० दे० "हू" । अव्य० स्वीकृति सूचक शब्द । हो । हुँकरना- क्रि० प्र० दे० "हुंकारना"। हुंकार - संज्ञा पुं० १. बलकार । २. गर्जन । हुंकारना- क्रि० प्र० १. डपटना । २. गरजना । । हुँकारी-संचा हुँकारी-संज्ञा बी० स्वीकृति सूचक शब्द | हामी । हुँडार-संज्ञा पुं० दे० "भेड़िया" । हुंडी संज्ञा खी० वह काग़ज़ जिस - पर एक महाजन दूसरे महाजन को,