पृष्ठ:भाषा-विज्ञान.pdf/२२४

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रूप-विचार १९९ अर्थात् प्रकृति और दूसरा साधक अंश अर्थात् प्रत्यय । प्रकृति दो प्रकार की होती है-(१) तत्त्ववाचक और (२) भाववाचक । और प्रत्यय भी प्रधान रूप से दो प्रकार के होते हैं (१) विभक्ति प्रत्यय और (२) सामान्य प्रत्यय । इन प्रत्ययों का इस प्रकार वर्गीकरण किया जा सकता है- मारोपीय प्रत्यय विभक्ति (रूप-साधक प्रत्यय) प्रत्यय (शब्द-साधक प्रत्यय) 1 परप्रत्यय पुर:प्रत्यय ६ तद्धित प्रत्यय कृत् प्रत्यय ७ कारक विभक्ति (सुप्) क्रिया विभक्ति (तिङ्) कारक विभक्ति अव्यय विभक्ति २ पुरुषवाचक प्रत्यय (ति) विकरण आगम आदि