सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:मनोविनोद.pdf/९३

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

७८ मनोविनोद चित्र काव्य ( १ ) A से A B र C रे ना परहु रन खेत माहि D ल तो निहारी निज, दिग्गज लखात है । Eस कों मनाइ F, G हति विचारि देस, तुरत विदारि H मू कितेक बात है ॥ I, J मलेच्छ सेन, K ती हैं विचारी भला, लरि 1. राई भाई प्रजा अकुलात है । Mद साने सूर, माम पैन डारौ घूर, N युद्ध औसर पै ढील ना सुहात है ॥ 0 खौ है समैया, नाहि (दिसम्बर १८८४ ) (२) Pर की सुनैया कोऊ, धीरज धरैया, भैया एक ना दिखात हैं । सर Q लर देस में फिरायौ कलिराज आज, R त अवस्था झूठ भारत की बात हैं । CCO, Gurukul Kangri Collection, Haridwar, Digitized by eGangotri