यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।
२० turart और प्रेममोहिनी । [ चतुर्थ सुखवासीलाल- अच्छा, लेकिन किसीसे जिक न हो । रणधीरसिंहके मिजाजको तो तुम जानते ही हो, उनके आनेका समय हो गया चलो अब तुम्हारे हिनादका जना खर्च करा दें । ( दोनों गये ) .. F इति तृतीय गर्माङ्ग । है