( ६४ ) ( २ ) शैशव योवना ( शैशव यौवन की संधि ) ( ३ ) नव यौवना ( जिसमें यौवन चंद्रकला की भाँति वृंद्ध पर हो ) । नवयौवना मुग्धा के भेद- ( क ) अज्ञात यौवना (ख) ज्ञातयौवना (४) नवल अनंगा ( क ) अविदित कामा (ख) विदित कामा (५) नवल बधू (क) नवोढ़ा ( पत्रि की काम संगति में अधिक डरनेवाली । (ख) विश्रब्ध नवोढ़ा ( पति पर कुछ कुछ विश्वास करनेवाली ) (ग) लज्जा असक्त रति को बिरु ( रवि लाज से जब काम की ज्योति सरसती है, ) इसे लाज परा रति नवोढ़ा भी कहते हैं ।) (ख) मध्या के भेद समान लज्जाभरना ( समान लजा एवं कामवती ) ( १ ) उन्नत यौवना ( यौवन झलके काम कम ) २) उन्नत कामा ( काम अधिक झलकें ) ( ३ ) प्रगल्भवंचना ( प्रगलभ वचन द्वारा कामाभिव्यक्ति ) ( ४ ) सुरताविचित्रा एक अन्य भेद अन्य मत से -- लघु लन्जा ( ग ) प्रौढ़ा के भेद - ( १ ) उद्भट यौवना प्रौढ़ा (२) मदनमदमाती प्रौढ़ा (३) लुब्बाप्रति प्रौढ़ा ( ४ ) रति कोविदा प्रौढ़ा - दो प्रकार ( क ) रतिप्रिया ( ख ) श्रानन्द संमोहिता इसके अतिरिक्त पतिदुखिता नायिका होती है जो मूढ़, बाल और वृद्ध पति दुःखिता -- तीन प्रकारों में विभक्त है ।
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