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पृष्ठ:रसलीन ग्रंथावली.djvu/३६५

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( २२१ ) विषय जान दूती-भेद ६३१ पृष्ठ विपय पृष्ठ १२१ विट- उदाहरण ६६७-६६८ १२६ त्रिविध दूती भेद-वर्णन ६३२ १२२ चेटक - उदाहरण ६६६-६७० १२ उत्तम दूती - उदाहरण ६३३-६३४१२२ मध्यमा दूती - उदाहरण ६३५ १२२ विदूषक - उदाहरण ६७१-६७२ १२६ उद्दीपन रूप मे श्रधमा दूती - उदाहरण ६३६ १२२ षटऋतु वर्णन नायक वचन - जान दूती के प्रति बसंत वर्णन ६७३ - ६७८ १३०-१३१ ६३७-३३८ १२२-१२३ ग्रीष्म ऋतु वर्णन ६७६-६८२ १३१ जान दूती का उत्तर ६३६ पावस ऋतु वर्णन ६८३-६८६ १२३ जान दूती त्रिविध-भेद ६४० १३१-१३२ १२३ हितावान दूती - उदाहरण ६४१ १२३ सरद-ऋतु-वर्णन ६८७-६८६ १३२ हिता श्रहितावान दूती- उदाहरण हेमत - ऋतु वर्णन ६६०-६६१ ६४२-६४३ १२३ १३२-१३३ हितावान दूती ६४४-६४५ १२४ दूती के काज - कथन ६४६ १२४ नायिका की स्तुति ६४७ - ३४६ १२४ सिसिर-ऋतु वर्णन ६६२-६६३ १३३ अन्य दूसरे उद्दीपन ६६४-६६५ १३३ अंगज संभोग - उद्दीपन ६६६ अनुभाव - कथन ६६७-७०४१३४-१३५ १३३ नायक की स्तुति ६५० १२५ नायिका की निदा ६५१ अनुभाव - उदाहरण ७०५-७०८ १३५ १२५ नायक की निंदा ६५२ हाव - लक्षण तथा- १२५ नायिका से विनय ६५३ हाव- श्रनुभाव-विवेक - वर्णन १२५ ७०६-७१२ १३५-१३६ नायक से विनय ६५४ ११५ लीलादिक नायिका का विरह-निवेदन हाव दसा वर्णन ६५५-६५६ १२६ सुभावक लक्षण ७१३-७१७ नायक का विरह-निवेदन १३६-१३७ ६५७-६५८ १२६ लीलाहाव - उदाहरण ७१८-७१९ नायिका के लिए प्रबोध ६५६ १२६ १३७ नायक को प्रबोध ६६० १२७ विलासहाव - उदाहरण ७२० - ७२० दंपति को मिलाना ६६१ १२७ १३७ नायक - वर्णन ललितहाव - उदाहरण ७२२- ७२३ . सखा - कथन ६६२ १२८ १३८ नाम भेद ६६३-६६४ १२८ विच्छित हाव- उदाहरण ७२४ -७२६ पीठि -मर्द - उदाहरण ६६५-६६६ १२८ १३८