( २४० ) दो० पृष्ठ दो० पृष्ठ फिरति हुती तिय फूल के ६४७ १७७ बाम चोरुटी की कथा ५६६ ११६ फूल छरी संकेत की २६४ ५६ फूल माल मो करि चितै बाम नैन फरकत भयो ४४२ बाम लखत तन स्याम को ८८ २८८ ५८ ८०७ १५२ फूलमाल सो बाल जो ३०० ६० बार बार हेरत कहा ५६६ ११० फूले कुजन अलि भवत ६७६ फैल रह्यौ सब जगत मै ११४६ १३० २१० बार बिलासिनि होइ जो ३१५ बारेन की मति ते भई २७५ ६४ ५६ बारे पिय के हाथ तिय १६६ ३६ ब बालम बारे सौति के १११७ २०६ बसी टेरी श्राइ हरि ५३४ बंसी लै मनु मीन कौ २६१ बडे चातुरन ने सखी ११४० १०४ बाल यहै जग माहि जिन ७८७ १४६ ५६ २०६ बाह गहत सीबी करति १५५ बिग वचन धीरा कहै १८७ ३४ ४० बडो अनोखो छोहरो २५७ ५३ बिजन लै करि मै धरति १०२६ १६१ बदन जोति भूषनन पर ३७८ वन बीतत बीतो जो कछु २८५ बधू रहै घर हम चलें २८४ ७६ ५८ बिकल होनि नहि देउ जी २३८ ४६ बिगरे भूषन तन सजति १४० ३१ ५७ बरनत नारी नरन ते ७३ १७ विधुरनि खिन के हर्गानि मै बरनि कहत है बीर तिय ३२२ बीरतिय १००१ १८६ ६५ बरनि मंगला चरण रु २८ बिछुरि मिल्यौ पिय बाह गहि- Ε ४५२ ६० बरने-तन चर भाइ श्रब ८२४ बहुत हाव कछु हेत लहि ७१२ बहुरि चौदहैं बरस पुनि ५०६ बहुरो सातुक है सोइ ७०२ २५६ १३६ बिछुरे पिय सपने निरखि ११२७ २०८ Σε १३४ बिजुकावत ही मदन के १२२ बिथा कथा लिखित की २७ ब्याह सुनति उर दाह ते २१७ ४५ १०१६ १८८ बॉकी तानन गाइ कै २३४ बॉचि आदि ते त लौ २६ ४६ विदित बात यह १०१५ १८८ ८ विधि, सुनार श्रद्भुत गढी बॉह गहत सतरात जब १३५ ३० २८१ ५७ बाके नैननि रावरी ६५५ १२६ बिनसै ठौर सहेट कौ २५२ ५२ बाट चलति ननदी कह्यौ ६१५ बात कहत पिय भूलि २०५६ बात कहत हरि सो भई ७३० १७२ बिनही गुन पनि परि ४६८ ६३ १९७ बिना सजे भूषनन के ७२४ १३८ १३६ बिनु तुव दल सनमुख भये बात रहै जो गरब को ३४० ६६ १०६७ μες बात होइ सो दूरि ते ७२७ १३८ बिनु पानिप श्रादर नहीं ५५६ १०८
पृष्ठ:रसलीन ग्रंथावली.djvu/३८४
दिखावट