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पृष्ठ:रसलीन ग्रंथावली.djvu/५१८

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३८४ अविरेखि- ७०० श्रष्टगुन- ७३ भ्रष्ट स्वेद श्रादिक - ४२ श्रसित - १५७ श्रा श्राद-७८१ श्रान-४५० श्रानि- २८ उमाह-१०८४ उरज-६० उरबसी - १६१ उरि-८५ उलरि- २३६ उसकि -६४६ ऊरघ- १६० 5 पुस - ६५१ श्रारथी - ५६१ श्रालंब - ४६ श्रासु - १०६७ ऐचति - ३६३ ऍड्रति - ४७८ श्राहारिज - ६६६ ऐन- १६ श्रो- श्र इंद्रबधू- ६८३ श्रोप- २३२ इति ऊति - ११६ ईठि- २७२ उकस - ६० उति-२३ उघटत-३६६ उचकत - ६५ उचकि- १२२ उछाह - ४८ उतंग - १२३, ४८७ उदोत- ३७० उदोति-८८ उपवचन- ८५० उभकत - ६८१ उमगौ- १२५ उमहति - ६४ उ श्रौटि - १६५ श्रौचक - ७४१ श्रौचिका-१०६३ श्रौतरै -१४८ श्रौदारिज - ७८६ श्रौधि-८५७ श्रौरि-६६४ कंचुकी - २०२ कंट- ११७ कच -८३ कना खि-४५४ कवि भूम-७५ कबिराव - ३६ कमनैत - १०२१ कमला- ७५ क रसलीन