पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/२२८

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क्रूसा के उद्धार की पूर्व सूचना । २०७ ले आया और जो कुछ मेरे पास था उससे उन लोगों का आतिथ्य-सत्कार किया। फिर अपना घर-द्वार खेती-बारी आदि। उन्हें दिखलाया। कप्तान मेरे किले और किले के सामने की कृत्रिम उपवाटिका की प्रशंसा करने लगा। मैंने उससे कहा, मेरा एक और विनोद-अस्थान है जो पीछे दिखलाऊँगा। अभी जहाज़ के दखल करने का उपाय ठीक करना चाहिए। कप्तान ने इसे स्वीकार किया। परन्तु उपाय क्या है ? जहाज़ पर अब भी छब्बीस विद्रोही हैं । इँगलैंड के कानून के अनुसार विद्रोहियों के लिए प्राणदण्ड निर्धारित था। वे विद्रोही हैं, एक तो इसलिये दूसरे प्राणों के भय से वे लोग प्राणपण से युद्ध करेंगे। कारण यह कि हम लोगों की विजय होने पर अवश्य ही उनकी मृत्यु होगी । हम लोग थोड़े से आदमी उन लोगों के साथ युद्ध कर के कैसे विजय प्राप्त कर सकते हैं ? कप्तान की यह बात सुन कर मैंने यह उपाय सोचा कि किसी तरह जहाज़ के लोगों को भुला कर टापू में ले आवे और उन्हें गिरफ़ार करें। शायद वे लोग अपने साथियों के आने में विलम्ब देख कर उन्हें ढूँढ़ने आवेंगे, पर अब वे अस्त्रशस्त्र से सुसज्जित होकर ही आवेंगे। जो हो, इस समय सूखे में जो नाव पड़ी है उसे बेकार कर देना चाहिए। यह स्थिर करके हम लोगों ने नाव में अस्त्र शस्त्र, गोली-बारूद आदि जो कुछ पाया निकाल लिया और उस के पैदे में छेद कर दिये। आशा न थी कि हम लोग जहाज़ पर दख़ल कर सकेंगे किन्तु उन लोगों के जहाज़ ले कर चले जाने पर हम लोग इस बोट की मरम्मत करके स्पेनियर्ड लोगों से जाकर , मिल ते सकेंगे। यही बहुत है।