पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/२९८

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झूले के अनुपस्थित समय का इतिहास । २७५ सुन लेंगे । यह काम बन्दूक के कुन्दे और तलवार से लेना ही ठीक होगा। जिस बात की आशका थी वही हुई । तीन पराजित असभ्य भाग कर उपवाटिका में आ छिपे । पर उन लोगों के खोजने केाई न आया। यह देख कर स्पेनियर्ड कप्तान ने कहा ‘इन्हें मत मारो। ये लोग मरने ही के भय से तो यहाँ भाग कर आ छिपे हैं । गुप्त रीति से तुम लोग इन पर आक्रमण करो और इन्हें गिरफ्छार करके ले आाओो ' दयालु कप्तान की आशा के अनुसार ही काम हुआ । अवशिष्ट पराजित असभ्य अपनी डोंगी पर सवार हो कर समुद्र पार चले गये । विजयी दल भी विजय के उल्लास से दो बार खूब ज़ोर से गरजा और दिन के पिछले पहर चला गया । इसके बाद इस द्वीप में स्पेनियर्ड लोगों का ही एकाधिपत्य हुआ। असभ्य लोग कई वर्ष तक इस द्वीप में फिर न आये। उन असभ्यों के चले जाने पर स्पेनियर्ड लोग जिले से निकल कर रणभूमि देखने गये । देखा, बत्तीस आदमी युद्ध क्षेत्र में मरे पड़े हैं । उनमें एक भी व्यक्ति घायल न था। घायलों को वे लोग अपने साथ उठा ले गये थे । यह मामला देखसुन कर वे अँगरेज़ कई दिनों तक कुछ शान्तभाव धारण किये रहे । मनुष्य को मनुष्य खालेता है, इस अद्भुत व्यापार ने उनके मन में भय उत्पन्न कर दिया था। पर कुछ ही दिनों में उनका क्रूरस्वभाव फिर प्रबल हो उठा। वे इन तीन बन्दियों से नौकर का काम लेने लगे । किन्तु ट मैंने जिस तरह प्राइडे को शिक्षा देकर एकदम अपना अन बना लिया था वैसा वे लोग न कर सके । धर्मशिक्षा तो दूर ! "