पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/३०२

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" क्रूसे के अनुपस्थितसमय का इतिहास। २७8 किन्तु वे लोग अपने संकल्प पर दृढ़ थे। उन्हेंाने कहा कि हम लोग यहाँ भी भूखों ही मरेंगे । कारण यह कि हम लोग परिश्रम करके अपनी जीविका नहीं चला सकते । बिना श्रम के रोटी पैदा करना कठिन है। इसलिए जब मरना ही होगा तब एक बार साहस करके विदेश को देखसुन कर ही मरेंगे । यदि विदेशीय असभ्य हम लोगों को मार डालेंगे तो सब बखेड़ा तय हो जायगा । हम लोगों के न स्त्री हैं न बालबच्च, जो शोकाकुल होकर रोयेंकलपेंगे। आप लोग अब दें या न दें, हम लोग ज़रूर जायेंगे। तब स्पेनियड ने उन लोगों को अपनी सामान्य पूंजी में से दो बन्दूकेंएक पिस्तौलएक तलवार और थोड़ी सी गोलीबारूद दी । उन लोगों ने एक महीने के लायक भोजन साथ रख लिया । थोड़ा सा मांस, एक जीवित बकराएक टोकरी सूखे अंगूर और एक घड़े भर जल लेकर समुद्रयात्रा की । समुद्र का दूसरा तट कम से कम चालीस मील पर होगा । स्पेनिय ने उन को बिदा करके एक तरह से अपनी बरला को टाल दिया । उन अँगरेज़ों से दुबारा भेट होने की आशा किसी को न थी। उनके जाने से सभी निश्चिन्त हुए। उन लोगों के चले जाने पर स्पेनियर्डलोग आपस में कहने लगे–उन पाखण्डियों के चले जाने से हम लोगों का समय अब बड़े आराम और आनन्द से कटेगाआत टली ।’ किन्तु वास्तव में उन लोगों की आफत टली न थी। बाईस दिन के बाद एक व्यक्ति ने देखा कि तीन आदमी टापू में आये हैं। उनके कन्धे पर बन्दूकें हैं । वह गिरता पड़ता हाँफता हुआ सदर के पास दौड़ कर आया और ।