५ ६० सस्याथनशः 11 था, जैसे स्वार्थी लोग आजकल भी आविद्वानों के सामने विद्वान् वन जाते हैं वैसे उन ? समय भा कपट किया होगा क्योकि खुदा और उसके खेवक अभ भी विद्यमान हैं पुन: इस समय खुदा आाश्चयशक्ति क्यों नहीं देता है और नहीं कर सकते जो मूसा को किताब दी थी तो पुन: कुरान का देना क्या आवश्यक या क्योंकि जो भलाई बुर। करने न करने का उपदेश सर्वत्र पकखा हो तो पुनभिन्न २ पुवक करने से पुनरुल्क दोष होता है क्या मूसाजो आदि को दोहुई पुस्तकों में खुदा भूल गया था ? जो खुदा ने निन्दित बन्दर होजाना केवल भय दने के लिये का था तो उसका कहना मिथ्या आा व छछ किया जो एलो बातें करता है और जिसमें ऐसी बात है वह न खुदा और न यह पुस्तक खुद का बनाया हो सकता है ॥ १४ ॥ १५-इस तरह खुद मुों को जि लाता है और ॥ अपनी निशानियां । म को दिख जाता है के तुम व म ो 1 में ० १ । सि ० : । सू ० २ । आ० ६७ ॥ स मोक्ष-क्या मुद्दों को खुद ज लता थ तो अ व के पास नए िलता १ क्या क्या मत को रात तक क वर्ग में पड़े रहेंगे ? आज कल दोर/सुपुर्द हैं ? क्या इतनी हो ईश्वर को नेशन यां है ? एथि बो, स य, चन्द्रादि निशानियां नहीं हैं ? क्या सार म जप वि वध र ाव ा विशेष प्रध्यक्ष दोख तो हैं य निशानियां क म है ॥ १५ ॥ है ! १६वे कल बस वैकुण्ठ में वाल है ॥ १ । खदव अथन कनवास पि ० १ 1 स ० २1 वा० ७५ ? म० ख मीक्षकोई भी जीव अनन्त पाप करने का समय नहीं रखता। इलिये सदेव स्वर्ग नरक में नहीं रह सकते और जो ब दा एटा करे तो वह - ' न्याय कारों ओर अवेद्वान् हो जब कयामत की रात न्याय होगा तो मनुष्यों के पाप पुण्य बराबर होना उचित है जो कर्म अनन्त नहीं है उसका फल अनन्त से हा ख कता है ? और मृष्ट हुए सात आठ हजार वर्षों से इधर हो बतलाते हैं क्या इस के पूर्व झूठा निकम्मा बैठr था १ और कयामत के पीछे भोनिकम्मा रहेग१ ये बात सब लड़कों के समान हैं क्योंकि परमेश्वर के काम देव बहमान रहते मार जितने जिसके पाप पुण्य हैं उतना ही उसको फल देता है इसलिये कुरान की यह बात सच नहाँ Al १६ ॥ ७-जब हमने तुम से प्रतिज्ञा कराई न बहाना लोह अपने आप के मार किसी अपने बाप के घरों से न निकालना फिर प्रतिज्ञा की तुमने इस के लुम है। सायी हो ॥ फिर तुम वे लेग हो कि अपने आपख को मार डालते हो एक " 9 .
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