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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/२६६

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२३० ४. ५. ६. ७. सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय मौजूदा कानूनोंमें उन लोगोंके अधिकारोंकी रक्षाकी व्यवस्था है जो इन प्रान्तोंके केवल अधिवासी हैं, परन्तु यह विधेयक केवल उन लोगों के अधिकारोंका संरक्षण करता है जो संघके अथवा किसी प्रान्तके अधिवासी भी हैं और वहाँ रहनेके हकदार भी हैं। यदि रेखांकित धाराके अन्तर्गत कोई अतिरिक्त प्रतिबन्ध लगाया गया हो तो उसका ठीक-ठीक अर्थ क्या है ? खण्ड ७के अनुसार उक्त प्रान्तोंमें रहनेवाले कथित व्यक्तियोंको किसी भी समय उक्त (यानी शैक्षणिक) परीक्षा पास करनेके लिए तलब किया जा सकता है । क्या किसी ऐसे आदमीको, जो विधेयकके पास हो जानेके बाद एक बार शैक्षणिक परीक्षामें उत्तीर्ण हो चुका हो, यह प्रमाणित कर सकनेपर भी कि उसने ऐसी परीक्षा पास की है, दुबारा परीक्षा देनेके लिए तलब किया जा सकता है ? अगर किसीने इस विधेयकके अन्तर्गत परीक्षा पास कर ली हो और वह यह सिद्ध कर सकनेकी स्थितिमें भी हो कि उसने पहले ही संघ में प्रवेश करते समय यह परीक्षा पास कर ली है, क्या तब भी एक प्रान्त से दूसरे प्रान्तमें जाते समय उसकी परीक्षा ली जा सकती है ? इस विधेयकका २५ वाँ खण्ड मन्त्रीको यह विवेकाधिकार देता है कि वह ऐसे किसी भी व्यक्तिको, जो संघका वैध निवासी है और कुछ दिनोंके लिए वहाँसे बाहर जाना चाहता है, अनुमतिपत्र दे सकता है।' जो ऐसे अनुमतिपत्र नहीं ले पायेंगे, उनकी स्थिति क्या होगी ? मान लीजिए, वे अनुमतिपत्र न लेकर किसी लेख-प्रमाणक (नोटरी पब्लिक) के सामने जाते हैं और अपने निवासके सम्बन्धमें हलफ लेकर बाहर चले जाते हैं, तथा वापस लौटनेपर अपने अधिवास और निवासके प्रमाणके रूपमें लेख-प्रमाणकके मूल पत्र ( प्रोटोकोल ) के साथ-साथ अपना हलफनामा पेश कर देते हैं, तो क्या यह उनके संरक्षणके लिए पर्याप्त होगा ? विधेयकका खण्ड २८, उपखण्ड २ : शैक्षणिक परीक्षा पास करके फ्री स्टेटमें प्रवेश करनेवाले सभी लोग हर तरहसे ऑरेंज फ्री स्टेट संविधानके अध्याय ३३ के खण्ड ७ और ८ से बँधे हुए हैं।' अब खण्ड ८ में, अन्य बातोंके साथ-साथ, यह व्यवस्था भी की गई है कि जिन लोगोंको राज्या- ध्यक्ष इस राज्य में बसनेकी अनुमति देता है उन्हें उस मजिस्ट्रेट (लैंड- ड्रॉस्ट) के सामने, जिसे वे अर्जी देंगे, शपथपूर्वक और अपने हस्ताक्षरोंके साथ यह घोषणा करनी पड़ेगी कि वे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष किसी तरह कोई व्यापार नहीं करेंगे, आदि। क्या नये विधेयकके अनुसार इस प्रान्तमें प्रवेश करनेवाले लोगोंको भी ऐसा ज्ञापन देना पड़ेगा ? १. देखिए परिशिष्ट १३ । २. देखिए पाद-टिप्पणियाँ १ और २, पृष्ठ २१२ तथा “पुत्रः ६० एफ० सी० टेनको", पृष्ठ २१०-१२ । Gandhi Heritage Heritage Portal