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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/३५६

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सम्पूर्ण गांधी वाड्मय

 

इसलिए ये दस्तावेज साक्षी हैं कि

८. उक्त पक्ष एक फीनिक्स, नेटालमें स्थित पूर्वोक्त जमीन और मकानों, मशीनों, समाचारपत्र, साज-सामान, व्यवसायसे सम्बन्धित माल, बहियोंमें दर्ज पावना और अन्य आनुषंगिक वस्तुओंपर अपना सारा अधिकार और स्वामित्व उक्त दूसरे पक्षके सज्जनों और स्वयं अपनेको न्यासियोंके रूपमें इस उद्देश्यसे सौंपता है कि इस सबपर उनका और उनके उत्तराधिकारियोंका न्यासाधिकार हो और वे निम्नलिखित अतिरिक्त शर्तोंके अनुसार पूर्वोक्त उद्देश्यों, कार्यों और शर्तोंके साथ इन सबका उपयोग करते रहें:

(क) उक्त मो॰ क॰ गांधी अपने जीवन कालमें न्यासके उद्देश्योंकी उचित पूर्तिके निमित्त उक्त न्यासियोंके नियन्त्रणके अधीन न्यासका व्यवस्थापक होगा;

(ख) उक्त मो॰ क॰ गांधी जिस समय दक्षिण आफ्रिकामें हाजिर न हो उस समय अथवा उसकी मृत्युके बाद न्यासीगण अपने में से किसीको आवश्यकताके अनुसार, उस अवधिके लिए या हमेशा के लिए व्यवस्थापक नियुक्त कर सकते हैं;

(ग) उक्त मो॰ क॰ गांधी अथवा कोई अन्य व्यवस्थापक न्यासके उचित प्रबन्धके लिए शेष न्यासियोंके प्रति उत्तरदायी रहेगा।

(घ) न्यासियोंके अधिकार-क्षेत्रमें आनेवाली सभी बातोंमें अल्पमतपर उक्त न्यासियों के बहुमतका निर्णय बन्धनकारक होगा, और, यदि [किसी बातपर] न्यासियोंके मत समान संख्या में विभक्त हो जायें तो प्रतिष्ठानके निवासी बहुमत से जो निर्णय करें वह न्यासियोंके लिए बन्धनकारक होगा।

(ङ) बैंक में 'फीनिक्स ट्रस्ट एकाउंट' के नामसे खाता खोला जायेगा और उससे सम्बन्धित जमा-खर्च न्यासके व्यवस्थापकके हाथमें या उसके द्वारा नियुक्त एवजी या एवजियोंके हाथमें रहेगा।

(च) न्यासियोंमें से किसीकी मृत्यु होने या किसीके त्यागपत्र देनेपर शेष न्यासी न्यासके संचालनके लिए सक्षम होंगे, तथापि उस समय दक्षिण आफ्रिकामें रहनेवाले [प्रतिष्ठानकें] निवासी अपने बहुमत द्वारा लिये गये निर्णयसे रिक्त स्थानोंकी पूर्तिके लिए न्यासियोंको नामजद कर सकेंगे। इस नामजदगीको शेष न्यासीगण स्वीकार करेंगे।

(छ) निवासियोंकी स्वीकृतिसे न्यासियोंको अपनी संख्या में वृद्धि करनेका अधिकार होगा।

(ज) न्यासियोंको अपने विचार-विमर्शमें निवासियोंकी सलाह लेनी होगी और उनका निर्णय स्वीकार करना होगा; किन्तु निवासियोंको न्यासियोंपर न्यासकी नीति अथवा ध्येयोंमें कोई परिवर्तन करानेकी सत्ता नहीं होगी;

(झ) निवासियोंकी स्वीकृतिसे, न्यासीगण न्यासके उद्देश्योंका विस्तार कर सकते हैं; अन्यथा नहीं;

(ञ) न्यासीगण निवासियोंकी स्वीकृतिसे नये निवासियों अथवा अस्थायी कार्यकर्ताओंको शामिल कर सकते हैं; और उनकी स्वीकृतिसे किन्हीं निवासियों अथवा अस्थायी कार्यकर्ताओंको हटा [भी] सकते हैं। किन्तु कोई भी निवासी बेईमानी, अत्यन्त अनुचित आचरण अथवा सौंपे गये कर्त्तव्य की घोर अवहेलनाके सिवा [अन्य किसी कारणसे] अलग नहीं किया जा सकता।