है कि दक्षिण आफ्रिकाके यूरोपीय निवासियोंने भी इस दिशा में किये गये आपके कामकी सराहना की है।
स्थितिका स्थानिक अध्ययन करनेकी दृष्टिसे यहाँ पधारकर तो आपने दक्षिण आफ्रिकासे सम्बन्धित अपने इस विशिष्ट कार्यमें चार चाँद लगा दिये हैं। यहाँ आनमें आपको जो त्याग करना पड़ा है, उसे हम जानते हैं और वह कभी भुलाया नहीं जा सकता। हम इस आगमनके लिए आपके आभारी हैं और आशा करते हैं कि यहाँसे लौटने पर आपके मनमें दक्षिण आफ्रिकाकी यात्राके सुखद संस्मरण आते रहेंगे। ईश्वरसे हमारी प्रार्थना है कि वह आपको दीर्घायु करे ताकि आप मातृभूमिकी सेवा, जिसे आपने उत्कट देशप्रेमकी भावनासे अपना जीवन-कार्य बना लिया है, करते रह सकें।
भवदीय,
अ॰ मु॰ काछलिया
अध्यक्ष,
मो॰ क॰ गांधी
अवैतनिक मन्त्री
'इंडियन ओपिनियन', ९-११-१९१२ तथा इंटरनेशनल प्रिंटिंग प्रेस, फीनिक्स द्वारा प्रकाशित 'ऑनरेबल मि॰ गोखलेज विज़िट टु साउथ आफ्रिका, १९१२' से भी।
२८९. जोहानिसबर्ग के हिन्दुओंकी ओरसे गो॰ कृ॰ गोखलेको मानपत्र[१]
जोहानिसबर्ग
अक्तूबर २८, १९१२
जोहानिसबर्ग
हम जोहानिसबर्गके हिन्दू समाजके प्रतिनिधि विशेष रूपसे आपके प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान भावना व्यक्त करना चाहते हैं।
आपने मातृभूमि और संसारभरमें यहाँ-वहाँ बिखरे हुए उसके पुत्रोंके कल्याणके लिए जो अथक परिश्रम किया है, हममें से प्रत्येक उससे सुपरिचित है। आपका नाम हमारे यहाँ घर-घरमें गूँज रहा है, आपकी मूर्ति हमारे हृदयोंमें अंकित है और आपका आदर्श उदाहरण हमें सदा कर्त्तव्य पालनकी प्रेरणा देता रहता है।
- ↑ यह मानपत्र ब्रिटिश भारतीय संघ द्वारा प्रस्तुत मानपत्रके बाद दिया गया था; देखिए पिछला शीर्षक।