डायरी : १९१२ जनवरी १८, गुरुवार ३६३ शहर गया। चैमनेसे मिला। उन्होंने कहा कि वे डेलागोआ तार करेंगे। भायातकी पत्नीको सजा । अखबार बकसुआ भायातसे प्राप्त ०. 0. ३ 0. 0. ६ ०. १. ० जनवरी १९, शुक्रवार पत्र लिखे – इस्माइल मूसा घलेड, दुर्लभ वश, मगनलालको । चैमनेको तार सन्देशवाहकको रोकड़ बाकी ०. ४. ३ ०. १. ° २. ८. १० जनवरी २०, शनिवार, माघ सुदी १ शहर गया। डॉक्टर पोर्टरसे मिला। इस दर्मियान श्री इनिंग फार्मपर आये और उनकी गाड़ी छूट गई। श्लेसिन और दौराबजी साथ-साथ आये । श्रीमती शेरको पत्र लिखा । अल्बर्ट रिक्शा स्टार' रोकड़ बाकी १. ०. ° ०. १. ३ 0. ०. ३ १. ७. ४ जनवरी २१, रविवार मुहम्मद हाफेजी दूसरे दो मुसलमान तथा भीखू और मोरारजी आये । दोराबजी, हाफेजी और उनके मित्र, श्लेसिन और डनिंग गये । लिखा - श्लेसिन, छगनलाल, मेहता, विंटरबॉटम, मॉड, कौल', पुरुषोत्तमदासको । वाल्मीकि रामायण शुरू की । जनवरी २२, सोमवार डाक - दादा अब्दुल्ला, गोकुलदास, लॉर्ड ऍम्टहिल । जनवरी २३, मंगलवार इस्माइल आये, मोरारजी और भीखू भाई गये । लिखा - डेविड केसवलू, पुरुषोत्तमदास, नाथू भाणा, बोमन शाको । १. इंडियन ओपिनियन, २७-१-१९१२ के अनुसार १८ जनवरी १९१२ को भायातकी पत्नी सलोमीको जोहानिसबर्गके मजिस्ट्रेटने निर्वासनकी सजा देकर हवालातमें भेज दिया था । २. मूलमें “ कोल” है, और वह भी सही हो सकता है । यह नाम डायरीमें कई जगह आया है । Gandhi Heritage Porta
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/३९९
दिखावट