३७० सम्पूर्ण गांधी वाङमय फरवरी २१, बुधवार सोराबजी, शेलत, जंजीबारके मेहमान, मेढ, प्रागजी, बद्री, लालबहादुर सिंह आये । मेहमान, बद्री और प्रागजी चले गये। हवा चक्कीवाला आया और गया । आडू प्राप्त बद्री जंजीबारियोंसे चप्पलोंके भगा माल-भाड़ा रोकड़ बाकी ०. १८. ६ २. ७. ० ०. १०. ० 0. ५. १ ०. १. ५ ९. १०. ५ फरवरी २२, गुरुवार मुनसामी, पवाडे आये और गये । [ लिखा ] - हरिलाल, मैनेजर, 'इंडियन ओपिनियन', जसात,' अ० करीम, दादा अ०, मुहम्मद इ०, कुमारी श्लेसिन । फरवरी २३, शुक्रवार हुसेन आया। दोपहर को लिखा - अब्दुल करीम, आदिको । प्रभु आया। सुलेमान और अली गये । सु० और अलीका किराया °. ३. ९ फरवरी २४, शनिवार हुसेन, फीरोज शा, माणिक शा और प्रभु सुबह गये। सोराबजी, शेलत और दाना दोपहरको गये । कुप्पू, हनीफ और शिव फैन फोक्सरस्ट गये । अनी और अभेचन्दको पत्र लिखे । डाक टिकट रोकड़ बाकी 0. २. ६ ९. ४. २ फरवरी २५, रविवार गॉर्डन, श्लेसिन, आइजक और कुप्पू आये । नारणसामी आया। आइजकके सिवा सब गये । आइजकको चमड़ेका दिया रोकड़ बाकी १. १०. ० ७. १४. २ फरवरी २६, सोमवार लिखा - गु[जरात] सं[पादक], 'इं० ओ० ', मॉड, विटरबॉटमको । मणिलाल, चतुरभाई, मोतीलाल दीवान [ आये ] । मणिलाल आइजक और कैलेनबैंक गये। कल रात कैलेनबैकसे १. एम० साली, कानजी जीवनभाई और लालजी मेघजीभाई; देखिए "तार : 'एशियाई पंजीयकको", पृष्ठ २३६ । २. देखिए " श्रीमती जसातका मामला ", पृष्ठ २३९-४० । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४०६
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