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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४१२

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३७६ सम्पूर्ण गांधी वाङमय मार्च २६, मंगलवार सोराबजी गये। मैं पैदल शहर गया - ३ बजे चलकर ९-१५ बजे जो० ब० पहुंचा । हनीफको लोबानका दिया डाक टिकट सोराबजीकी जमा रकममें से प्राप्त रोकड़ बाकी 0. १. ० 0. 0. १ ०. 0. ३ ७. ११. ३ मार्च २७, बुधवार लिखा - उमर झवेरी, मणिलाल, वेलशी, मोहनलाल, श्लेसिन, नाथु भाणा, अहमद भाणा, पडियार, सम्पादक, वेस्टको । डाक टिकटोंके दिये माल-भाड़ा रोकड़ बाकी ०. २. २ ०. २. १ ७. ७. 0 मार्च २८, गुरुवार पत्र - श्लेसिनको । वालजी हरि और श्लेसिन [ आये ? ] | कै० वापस आये । 1 मार्च २९, शुक्रवार पत्र - श्लेसिनको । कै० गये और वापस आये । 1 मार्च ३०, शनिवार नायडू आये और गये। भीखा गये । रतनसी आये । कै० गये और वापस आये । चारेका भाड़ा दिया रोकड़ बाकी ०. १. ३ ७. ५. ९ मार्च ३१, रविवार गॉर्डन, श्लेसिन और ऐनी [?] आये । सब गये । अप्रैल १, सोमवार पत्र - विंटरबॉटम, मॉड, श्री मैकडोनल्ड, वेस्ट, लैंग्स्टन, हलीमको । कै० आये । फेडा नामक एक लड़का रात रहने आया। रतनसी और रजबअली गये । टिकट प्राप्त रोटी बासडा कैलेनबैक साबुनका भाड़ा रजबका किराया रोकड़ बाकी 0. १. ° ०. 0. ३ °. २. ६ ०. १. ° 0. ३. ८ ७. ४. १० Gandhi Heritage Porta