३७८ नारियल कवर डाक टिकटोंका दिया माल-भाड़ा रोकड़ बाकी सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय १. १६. °. 0. ६ 0. १. o ७. ७. ० अप्रैल ७, रविवार श्रीमती नायडू, श्री नायडू, बहुत खराब रही। श्री फिलिप्सकी मंडली आई। रंगासामी, कुमारी बुश, मुर्गन आये। हनीफकी तबीयत अप्रैल ८, सोमवार रिच, गॉर्डन आदि अनेक लोग आये । आवाबाई ठहरी और माणिक शा भी। लगभग २०० लोग आये। सभी चले गये। नायडू और श्रीमती नायडू भी गये । विंटरबॉटम और मॉडको पत्र लिखे । श्लेसिनको श्रीमती वॉगलके लिए भारतीय महिला संघ के सम्बन्धमें दिया रोकड़ बाकी १. 0. o ६. ७. ° अप्रैल ९, मंगलवार पत्र – मेहता, सम्पादक, गुलको । रतनसी, कुमारी बुश, मुर्गन, कोल, कै० और इशाक गये । रातको श्लेसिनको पत्र लिखा । कै० और कोल वापस आ गये । बासडासे चीनीके लिए प्राप्त °. इसका किराया 0. ३ 0. २. o रोकड़ बाकी ६. ५. ३ अप्रैल १०, बुधवार आवाबाई गई। सोराबजी भी । दोराबजी रातको आये । माल-भाड़ा दिया अप्रैल ११, गुरुवार ०. १. ६ दोनों पैदल शहर गये; वेस्ट आदि कल आये। आज साथ फार्मपर आये । श्लेसिनको पत्र लिखा । सोढा आये । मुर्गनको खर्चके लिए दिये ७. ०. अप्रैल १२, शुक्रवार कोल शहर गया और आया । श्लेसिनको पत्र लिखा । डाक टिकटके लिए दिये 0. १. ० १. यहाँ एक शब्द अस्पष्ट है । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४१४
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