डायरी : १९१२ मई १९, रविवार ३८५ तीनों शहरसे वापस आ गये। कोल फार्मपर आये । प्रेम भी आये । प्रेम लौट गये । पत्र - मॉड, विटरबॉटम, कालीदास पटेलको । मई २०, सोमवार मणिलाल डॉक्टर, जेकी और सोराबजी आये । रम्भा भी आई। सायंकाल सुलेमान, कैलेनबैक और नरसीमुलू आये । जॉनसे प्राप्त डाक टिकटके दिये 0. १. o ०. १. ० मई २१, मंगलवार [ पत्र - ] लेन,' मणिलाल, कोटवाल, छगनलाल, डी वेर [?], श्लेसिन, टि... सीनसिंगलको । डाक टिकटका दिया मई २२, बुधवार 0. २. o [ पत्र - ] आंगलिया, चैमने, रुस्तमजी, दादा उस्मान, छगनलाल, कोटवाल, धोरीभाई- को। रम्भा, रेवाशंकरभाई, छोटम [ ? ] और जमनादास गये । रामपरशी [ ? ] और हरिया आये । आइजक आये और गये । डाह्या खानेका मिला जमनादासका मिला माल-भाड़ा १. १०. 0 ३. 0. ० ०. २. ३ टीप नहीं की । मई २३, गुरुवार [ पत्र - ] छगनलाल, वेस्ट, वेलशी, बायड । विजयाका रेल किराया डाक टिकट माल-भाड़ा ०. २. ६ ०. १. ° ०. १. मई २४, शुक्रवार कृष्णास्वामी, भगा, डाह्या और मैं तीनों पैदल शहर गये । ५ घंटे १४ मिनट लगे । पाठशालाके सम्बन्धमें सभा । मणिलाल, बा और जेकी शहरमें आये । बा, जेकी, मणिलाल और मैं वापस आये। रेवाशंकर भी लौट आये। माल-भाड़ा 0. १. देखिए " पत्र : ई०एफ० सी० लेनको", पृष्ठ २६० 1 २. इस नामके कुछ अक्षर अस्पष्ट हैं । ११-२५ १. Gandhi Heritage Portall
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४२१
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