३९० सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय जून १९, बुधवार [ पत्र - ] फँसी, वेस्ट, शेर, प्रभु भगा, नारणदास, भरूचा, वाजा, मूसाजी और सम्पा- दकोंको । मोडका आये और गये। नायडूके लड़के आये । माल-भाड़ा दिया डाक-टिकट ०. २. ५ 0. °. ४ जून २०, गुरुवार कै०, मैं, हनीफ, देवदास, प्रभु, कुप्पू, कृष्णसामी, अली, लक्ष्मण, शिवपूजन, और भगा शहर गये। रात रिचके यहाँ रहे । रजब अली प्रिटोरिया गये । प्रभुका भाई दफ्तर में ५ पौंड लाया । जून २१, शुक्रवार अभीतक जो० ब०में। रात गॉर्डनके यहाँ बिताई। सोराबजीके साथ चन्दा इकट्ठा करने गया । जून २२, शनिवार कै० और मैं अली और प्रभुको छोड़कर शेष सब लड़कोंके साथ वापस आ गये । दोपहरको श्लेसिन आई। देवी, फकीरा, भारतसारथी आदि लेने आये । जून २३, रविवार बॉक्सबर्गके लोग आये। क्विन आये । गॉर्डन और मणिलाल भी आये । सब गये । रातको पत्र लिखे । जून २४, सोमवार [ पत्र - ] सम्पादक, छगनलाल, भायात, मॉड, डॉक्टर, आनन्दलाल, विटरबॉटम, वेस्ट, अभयचन्द, मोहनलाल, हरिलाल ठक्करको । कैलेनबैक और डेविस आये । डाक टिकट माल-भाड़ा ०. २. ६ ०. २. ४ जून २५, मंगलवार [ पत्र - ] वेस्ट, ठक्कर, छगनलालको । जून २६, बुधवार मणिलाल और मैं जो० ब० गये। बा और जेकी गाड़ीसे गईं। वापस आ गये । सोराबजी भी आये । तार माल-भाड़ा पता नहीं चला रजब अली रोकड़ बाकी 0. १. ७ ०. ०. ९ १. ०. ० 0. ५. ३ २. ५. १० Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४२६
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