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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४२७

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डायरी १९१२ जून २७, गुरुवार ३९१ [ पत्र ] छगनलाल, टीकली, हाजी दादा, हाजी हबीब, मुहम्मद बाबा, दादा अब्दुल्लाको । सोराबजी गये। जॉन अफेंदी आये । कै० गये और वापस आये । डाह्यासे दानाकी पुस्तकके लिए मिले शक्कर आदि खच्चरोंका दिया बाकी ०. ०. ३ 0. ०. ६ ०. १८. ६ १. ८. १ कुमारी एस०से प्राप्त रोकड़ बाकी १०. ०. ० ११. ८. १ जून २८, शुक्रवार बा और मैं डर्बनको रवाना । डर्बनके टिकट ६. ६. ८ श्लेसिन 0. ३. ० जून २९, शनिवार डर्बन पहुंचे। रास्तेमें खासी तकलीफ। स्टेशनपर बहुत लोग आये हुए थे । सायंकाल ऑटोमन क्रिकेट क्लबकी बैठक | जमनादास और हम दोनों सायंकालकी ट्रेनसे फीनिक्स गये । जून ३०, रविवार, आषाढ वदी १ जमनादास, मैं और दूसरे फीनिक्ससे पैदल रवाना । रास्ते में उमर सेठ आदि मिले । मैं [ घोड़ा - ] गाड़ीसे इस्तम्बूल अंजुमनकी सभा में गया। भोजन हाजी हासिमके घर किया । अब्दुल हकके घर गया । रातको कांग्रेसकी बैठक | अब्दुल करीम सेठ निर्वाचित । उपनिवेशमें पैदा हुए भारतीयोंकी समस्या । रात उमर सेठके घर बिताई । जुलाई १, सोमवार प्रातःकाल फीनिक्स गया । ४ बजेकी गाड़ीसे लौटा । दस्तावेज (डीड) के सम्बन्धमें बैठक बुलाई। इस्माइल हाफेजी मूसाके घर भोजन । सायंकाल गुजराती-सभा । उपनिवेशमें उत्पन्न भारतीयोंका प्रश्न । जुलाई २, मंगलवार दाउद मुहम्मद, रुस्तमजी, अब्दुल करीम, अब्दुल हक आदि फीनिक्स आये । १ बज- कर ३६की ट्रेनसे चेटीके घर भोजनार्थ रवाना। सायंकाल मुहम्मद इब्राहीमके घर । अंजुमनकी बैठक । रत्नम् के साथ उसके घर सोने गया । विचित्र बात | १. देखिए " भाषण: हाजियोंकी विदाई-सभामें ", पृष्ठ २७०-७१ Gandhi Heritage Portal