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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४३७

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पूरा दिन फीनिक्स में डायरी : १९१२ सितम्बर १, रविवार सितम्बर २, सोमवार डर्बन शहर गया । पुरुषोत्तमदास और मैं पैदल चले । सायंकाल वापस आये । माकडाके सम्बन्धमें तार ०. ९. ९ सितम्बर ३, मंगलवार शहर गया। रात शहरमें बिताई । सितम्बर ४, बुधवार पोलक आये । श्री मूसाके यहाँ ठहरे । प्रागजी भी आये । डर्बनमें कैलेनबैकसे प्राप्त प्रागजीके सम्बन्धमें तारका दिया माकडाके सम्बन्धमें तारका दिया अल्बर्टको दिया तार और रेल किराया रोकड़ बाकी १. १०. ० °. ८. ० ०. २. ९ १. 0. ०. १०. १० ° ६. १. ° सितम्बर ५, गुरुवार ४०१ तमाम दिन फीनिक्स में । तालेवन्तसिंह आये और गये । प्रागजी, चेट्टियार, पोलक, श्रीमती रावजी और अमीन आये । आनन्दलालके साथ लम्बी वार्ता । उन्होंने छः महीनेके लिए बीड़ी पीना छोड़नेका प्रण किया । सितम्बर ६, शुक्रवार फिर शहर गया । कज़िन्ससे भेंट | खानसे भी । सायंकाल वापस आया । सितम्बर ७, शनिवार दोपहर बाद शहर गया। सभा हुई। उमर स्वागत समिति के अध्यक्ष चुने गये । सितम्बर ८, रविवार छगनलाल और मैं गाड़ीसे उमर अध्यक्ष चुने गये । शहर गये । अब्दुल हक लेनेके लिए आये । सभा हुई। सितम्बर ९, सोमवार पोलक, छगनलाल और मैं पैदल फीनिक्स आये। प्रागजी रेलसे आये । तार श्लेसिनको ०. १. o सितम्बर १०, मंगलवार सर्दी लग गई। पोलक कल लौट गये। मैं आज शहर गया । समितिकी बैठक हुई। उमर सेठके यहाँ सोया । ११-२६ Gandhi Heritage Portal