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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४४१

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डायरी : १९१२ अक्तूबर १, मंगलवार ४०५ [ पत्र - ] छबीलदास, आनन्दलाल, वेस्ट, अब्दुल हक, कोटवाल, रुस्तमजी, डॉसन, कस्तूर, दादा अब्दुल्लाको । प्रभा, विजया, चन्दा, रमा, और ललिताके बाल काटे । कैलेनबैक गये और आये । शक्करके लिए प्राप्त मॉडके बक्सोंका दिया डाक टिकट रोकड़ बाकी ०. ०. ६ २. १५. ४ 0. १. ९ पौं० ३. १४. १० अक्तूबर २, बुधवार [ पत्र - ] मूसा आकुजी, वेलशी, शेख रसूल, छगनलाल, मोतीलाल, मिलीको । प्रागजी रातको आये । शक्करके लिए प्राप्त शक्कर डाक टिकट जॉन रोकड़ बाकी 0. 0. ६ ०. O. ९ ०. १. ० ०. २. ६ ३. १२. 6) अक्तूबर, गुरुवार कैलेनबैक, मैं, प्रागजी, कुप्पू और छोटू शहर गये । हॉस्केनके यहाँ सभा थी। मॉड हम लोगोंके साथ फार्मपर आई । सुईदानियोंके लिए और बाकी श्लेसिनको दिया ०. १०. ° रेल ट्राम रोकड़ बाकी ०. ०. ८ 0. °. ३ ३. १. ८ अक्तूबर ४, शुक्रवार गीवर्स प्रातःकाल आये । रामदासने बिना नमक और मसालोंका भोजन आरम्भ किया; प्रभाने भी। रजबअली गया । डाक टिकटों और दूधके लिए दिया रजबअलीका किराया नकद ०. १. ३ ०. ५. ३ ०. २. ८ अक्तूबर ५, शनिवार माँड गई। फलाहारपर रहते मुझे आज नौ दिन हुए, पुरुषोत्तमदासको तीन और जमनादासको चार दिन हुए । नायना शहर गया; भगा भी । Gandhi Heritage Portal