४०८ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय अक्तूबर १७, गुरुवार कै०, कोटवाल और में शहर गये। मैं रातको शहरमें रहा । कुमारी नुडसनसे मिले माल-भाड़ा दिया ०. ५. ० ०. २. ९ अक्तूबर १८, शुक्रवार कैलेनबैक, काछलिया और इमामके साथ केप गया । मिला पौं० २ [०?]. ०. ° अक्तूबर १९, शनिवार [ केपके ] रास्ते में । अक्तूबर २०, रविवार सायंकाल केप [ टाउन ] पहुँचा। डॉ० गुलके यहाँ ठहरा। रातको हिन्दुओंकी सभा में गया । अक्तूबर २१, सोमवार यह दिवस [ केपमें ] मानपत्र आदिके सम्बन्धमें [ कार्यक्रम ] समझाने में बीता । नूरुद्दीनके लोगों से मिला । श्री कज़िन्ससे भेंट | अक्तूबर २२, मंगलवार श्री गोखले प्रातःकाल पहुँचे। टाउन हॉल मानपत्र' दिये गये । अक्तूबर २३, बुधवार नूरुद्दीनकी सभा में गया। अब्दुर्रहमानके यहाँ चायपान । रातको समितिके सदस्योंसे बातचीत । किम्बरलेको रवाना । अक्तूबर २४, गुरुवार अक्तूबर २५, शुक्रवार श्रीमती ऑलिव झाइनर डी आर आईं। भारतीय विशेष ट्रेनसे आये ; मॉडर नदीपर [ उनसे हमारी भेंट हुई ] । वहाँके मेयर तथा भारतीय लोग बेकन्स फील्ड पहुँचे । १. गांधीजीने यहाँ यह टीप की है - " सोराबजीको ४५ पौंड भेजने हैं।" किन्तु लगता है कि इसे उन्होंने पीछे काट दिया । २. डायरीके २९७ से ३०४ तक के पृष्ठ भी, जिनमें २१ अक्तूबरसे २८ अक्तूबरकी तारीखें पड़ती हैं, उलट-पुलट हो गये हैं, जैसा कि २७३ से २८० तकके पृष्ठों के बारेमें है; देखिए पाद-टिप्पणी १, पृष्ठ ४०४ पर । दोनों जगह पृष्ठोंकी संख्या ८ है । इससे स्पष्ट है कि ये ३२ पृष्ठके एक फार्मके भाग हैं। गांधीजीने पहले पृष्ठोंमें तारीखें ठीक कर ली थीं; किन्तु यहाँ उन्होंने जिल्दसाजको भूलका खयाल रखते हुए जिस अशुद्ध क्रममें पृष्ठ लगे हुए थे, उसीमें डायरी लिखी है । ३. देखिए " भाषण : केप टाउनमें गो० कृ० गोखलेकी स्वागत-सभा में ", पृष्ठ ३३२-३४ । Gandhi Heritage Porta
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४४४
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