डायरी : १९१२ श्लेसिनके नाम तार भेजा कि पेटी बीमा करके भेज दी जाये। तार ०. १६. o दिसम्बर ३, मंगलवार दारेसलाममें मानपत्र | श्री कैलेनबैकने हिन्दी सीखना आरम्भ किया । टिकटोंके लिए प्राप्त ७. °. ° दिसम्बर ४, बुधवार ४१३ दारेसलाममें। महाराज मानहानि केस और आगा खाँ केस आदिकी खबरें पढ़ीं। दिसम्बर ५, गुरुवार सायंकाल जहाजमें बैठा। बाबूके यहाँ समारोह । गुलाम हुसेन सारनासजी [ ? ] ऐंड सन्ससे 'इं० ओ० 'के लिए प्राप्त रु० मणिलाल देसाईसे विशेषांकके लिए रु० १२. [०. ०] ७. [०. ० ] दिसम्बर ६, शुक्रवार दिसम्बर ७, शनिवार दारेसलाम से रवाना । रातको मोजाम्बिक पहुँचे। डेककी यात्राका अनुभव ठीक चल रहा है । व्यापारी [ मिलने ] आये । दिसम्बर ८, रविवार मोजाम्बिकसे ११ बजे दिनमें रवाना हुआ । चिन्दी पहुँचा । दिसम्बर ९, सोमवार, मार्गशीर्ष सुदी १ दिसम्बर १०, मंगलवार प्रातःकाल बेरा पहुँचा । शहरमें, तैयब शकूरके यहाँ ठहरा। दिसम्बर ११, बुधवार 'डनवीजन कैसिल' जहाजके टिकट खरीदे। उसमें दोपहरको सवार हुआ । तार श्लेसिन आदिको इनाम आदि, कुलियोंका खर्च जहाजपर । ६. ० १. 0. o दिसम्बर १२, गुरुवार दिसम्बर १३, शुक्रवार डेलागोआ - बे प्रातः काल पहुँचा । कुछ समय तक उतरनेसे रोका गया; फिर उतरनेकी अनुमति दे दी गई। माधवजीके यहाँ गया। दोपहरको गाड़ी पकड़ी और कोमाटी [ पूर्ट ] पहुँचा। पुलिस द्वारा पूछताछ । १. गोखलेकी आफ्रिका यात्राकी स्मृतिमें प्रकाशित इंडियन ओपिनियनका विशेषांक 1 Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/४४९
दिखावट