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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/६३३

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तारीखवार जीवन-वृत्तान्त ५९५ जाहिर किया। उसे नेटालमें प्रवेश नहीं करने दिया गया था। साथ ही फातिमा जसातके निर्वासनके विरुद्ध संघर्ष करनेके लिए भारतीयोंसे अपील की । जोहानिसबर्ग में प्रागजी खण्डूभाई देसाई तथा सुरेन्द्र राय मेढको विदाई देनेके अवसरपर सत्याग्रहीके रूपमें इनके कार्यकी प्रशंसा की । मार्च १३ : मन्त्रीने ब्रि० भा० संघ तथा हमीदिया इस्लामिया अंजुमनको पत्र द्वारा सूचित किया कि वे फातिमा जसातके मामलेसे सम्बन्धित अपने निर्णयपर पुनः विचार नहीं करेंगे । मार्च १६ : गांधीजीने 'इंडियन ओपिनियन' में शाही विधान परिषद् में गिरमिट प्रथाको सर्वथा बन्दकर देनेके सम्बन्धमें प्रस्ताव पास करानेके लिए गोखलेके प्रयत्नोंकी सराहना की । मार्चका अन्त: स्वर्ण-कानून तथा बस्ती - अधिनियम के अन्तर्गत भारतीयोंकी स्थितिपर संघ तथा साम्राज्य सरकारोंके बीच हुए पत्रव्यवहारको लेकर लन्दन में श्वेत-पत्र प्रकाशित । अप्रैल १ : गांधीजीने रतन टाटाको लिखे गये सार्वजनिक पत्रमें सत्याग्रह - कोष के आय- व्ययका ब्यौरा दिया । अप्रैल २ : प्रिटोरिया में व्हाइट लीग कांग्रेसने गोरे और रंगदार लोगों के बीच समानताकी रोकथामके लिए शपथ ली । अप्रैल ४ : गांधीजीने पत्रमें ई० एफ० सी० लेनसे पूछा कि प्रवासी विधेयक इस अधि- वेशन में पेश किया जायेगा या त्याग दिया जायेगा । अप्रैल ११ : पत्र द्वारा ई० एफ० सी० लेनका ध्यान कार्यवाहक गृह उपसचिवकी टिप्पणी की ओर आकर्षित किया और आशा व्यक्त की कि इसका अर्थ आरेंज फ्री स्टेटसे शिक्षित भारतीयोंका बहिष्कार करना नहीं होगा । अप्रैल १५ : टिटानिक अटलांटिक महासागर में डूबा । अप्रैल १९ : एच० एस० एल० पोलकने दक्षिण आफ्रिका में - खासकर बॉक्सबर्ग में सम्पत्तिके भारतीय मालिकोंके अधिकारों तथा मुस्लिम पत्नियोंके ट्रान्सवाल प्रवेशके बारेमें भारत सरकारको लिखा । अप्रैल २४ : जोहानिसबर्ग में मजिस्ट्रेट जोर्डनने हसन मुहम्मदकी पत्नीके मामले में फैसला दिया कि उनका विवाह वैध न होने कारण उन्हें ट्रान्सवालमें रहनेका अधिकार नहीं । अप्रैल २७ : एच० एस० एल० पोलकने जर्मिस्टन बस्तीके बारेमें भारत सरकारको लिखा । अप्रैल २८ : जस्टिन बस्तीकी सभा में गांधीजी, अ० मु० काछलिया, एल० डब्ल्यु ० रिच, सोराबजी शापुरजी, थम्बी नायडू तथा अन्य लोगोंके भाषण । अप्रैल २९ : सर्वोच्च न्यायालय में बाक्सवर्गके मामलेकी सुनवाई; फैसला सुरक्षित रखा गया। ब्रिटिश लोकसभा में नाथलियाके मामलेके सम्बन्धमें प्रश्न । Gandhi Heritage Portal