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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 14.pdf/५९९

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सांकेतिका साराभाई अम्बालाल, ११३, १७३ पा० टि०, २०१, २०५, २१०, २१६, २२८, २३७, २५०, २५४ पा० टि०, २७१, ४७४; —की मिल मजदूरोंके झगड़ेमें बीच-बचाव करनेकी प्रार्थना, १७३ पा० टि० ; -के गुणोंकी प्रशंसा, २७१ सिडनहम, लॉर्ड, ३६८ सिन्हा, रायबहादुर पूर्णेन्दु नारायण, १५१, ३८७ सिरनी संस्थान, १५१, १५५ सीता, ३६, १९१, २९५ सुधीर, ४९४ सुब्रह्मण्यम्, सर एस०, ४८३ सुरेन्द्र, १०८, १२६, ५०१ (अ) सूबेदार, मनु, ३४० पा० टि० सेना, - में भारतीयोंको कमीशन, ४१६, ४२४, ४३५ पा० टि० सेवा सदन, के लिए देवधरका कार्य, ४४७ सैनिक प्रशिक्षण, -और अहिंसा, ४४६; -और स्वराज्य, ४१७, ४८१-८२ ; -की आवश्यकता, ६४, ४२१, ४५१, ४६०, ४६७-६८, ४७९-८० सैनिक स्कूल, - भारतीयोंके लिए, ४२३-२४ सैम, देखिए गोविन्द स्वामी सोढा, रेवाशंकर, ४४९ सोमण, ९३ स्टीफेन, जस्टिस, ८४ स्टेट्समैन, १३७ स्त्रियां, और अंग्रेजी, ४४७; -और खेड़ा सत्याग्रह, ३४९-५०; और गोखले, ८१; और पर्दा, १९२; -और स्मृतियाँ, १९१; - का उद्धार, ३५, १२५, १९०; की शिक्षा, ३५, ८४, १९४; - के लिए अंग्रेजीकी आवश्यकता, १९४; - के लिए समानाधिकार, १९३- ९४; - पुरुषोंको भरतीके लिए प्रोत्सा- हित करें, ४२५, ४३७-३८ ४८० ; - सत्याग्रहमें पुरुषोंको हिम्मत बंधाएँ ५६७ स्पीचेज ऐंड राइटिंग्ज ऑफ महात्मा गांधी, ११२ पा० टि०, १३३ स्मट्स, जनरल, ३९३, ३९६ स्मृतियाँ (यों), –के प्रक्षिप्त श्लोक, १९१ स्लाई, सर फेंक, १९६ पा० टि०, २१६ स्वदेशी, और व्यापारी, १४; -और सत्याग्रह, ३३६; -और स्वराज्य, ५९-६०; - खेड़ाके किसानोंसे, व्रत पालनका अनुरोध, ३३६-३७ स्वराज्य, १०८, ३१०, ४०१; -और अस्पृश्यता, ३६८; -और एनी बेसेंट, ५२; -और तिलक, ६७; और ब्रिटिश साम्राज्यकी सुरक्षा, ४३५, ४६७, ४७३, ४७८-७९; -और भरती, ४८०-८२ ; - और युद्धमें सहयोग, ४७२-७३; और शिक्षा, ३९; और सत्य, ४३९; सत्याग्रह, ६३; और सैनिक प्रशिक्षण ३६७-६८, ४८१-८२; और स्वदेशी आन्दोलन, १४, ५९-६०; की मांग, १७० - की मांगका अर्थ, ५६ – के लिए त्यागकी आवश्यकता, ३७९; - प्राप्त करनेके लिए भारतीय योग्य, ५३; - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसका उद्देश्य ५२; -मिलना निश्चित, ७० स्वशासन, देखिए होमरूल स्वामीनारायण, ४८७ ह हंटर, सर विलियम विल्सन, ५६ हक्सले, ७ और हड़ताल, - अहमदाबादके मिल मजदूरोंकी, २०१, २०४, २०६, २०९, २११, २१४, २१८, २२६, २२९, २३३, २४१, २४५, २५१, २६८-६९, ३००, ३१५, ४५०; के समय पत्रिकाएँ निकालनेका उद्देश्य, २०१ पा० टि० हनुमन्तराव, ३०५, ३७८, ३८६, ४४९ Gandhi Heritage Portal