भावी योजनाओंके सम्बन्धमें लिखित वक्तव्य ४३७ स्पष्टीकरण :-- जो लोग केवल शुद्ध स्वदेशी कपड़े ही खरीदना चाहें वे या तथा और विदेशों इन शब्दोंको प्रतिज्ञासे निकाल दें । " विदेशी " ८८ " टिप्पणी :- यह प्रतिज्ञा उन लोगोंकी सुविधाका खयाल करके तैयार की गई है जो अपने पास पहलेसे ही मौजूद विदेशी कपड़ोंको छोड़ना नहीं चाहते या छोड़ नहीं सकते। लेकिन, आशा यह की जाती है कि जो लोग यह प्रतिज्ञा लेंगे वे यथासाध्य शीघ्र ही विदेशी कपड़ोंको त्याग देंगे और सभी शुभ अवसरोंपर केवल स्वदेशी वस्त्रोंका ही उपयोग करेंगे । इंडियन नेशनल प्रिंटिंग वर्क्स, ३०६, बोरा बाजार, फोर्ट, बम्बई । हस्ताक्षर पूरा नाम पता प्रतिज्ञा प्रतिज्ञा लेनेकी तारीख अवधि हस्ताक्षर करनेकी तिथि स्वयंसेवक मुद्रित अंग्रेजी पत्रक (एस० एन० ६४८५) से । ३८२. भावी योजनाओंके सम्बन्धमें लिखित वक्तव्य' बम्बई जुलाई १, १९१९ मेरी योजनाओंके सम्बन्धमें भारत सरकारकी ओरसे श्री रॉबर्ट्सन' द्वारा कृपापूर्वक भेजा गया सन्देश मुझे मिल गया है। मैं कहना चाहता हूँ कि मैं जब भी फिरसे सविनय अवज्ञा आरम्भ करूँगा उसकी सूचना स्थानीय अधिकारियोंको अवश्य दे दूंगा । सविनय अवज्ञा केवल मैं ही करूँगा और मेरे साथी कार्यकर्त्ता मेरे जेल जानेके बाद एक महीनेके पहले इसमें शामिल नहीं होंगे। हाँ, अगर वे इसकी जिम्मेदारी स्वयं लेनेको तैयार हों तो ce १. ये बातें गांधीजीने १ जुलाई, १९१९ को बम्बई के पुलिस कमिश्नर श्री ग्रिफिथको दी गई मुलाकातके दौरान कही थीं। भेंटकी, श्री ग्रिफिथने जो रिपोर्ट दी थी उसमें कहा गया है कि अन्तमें श्री गांधीने एक वक्तव्य दिया जिसे लिख भी लिया गया। उस वक्तव्यको एक प्रति संलग्न है। उस वक्तव्यमें उनकी भावी योजनाका तफसीलवार विवरण दिया गया है ।" देखिए सोर्स मेटिरियल फॉर ए हिस्ट्री ऑफ द फ्रीडम मूवमेंट इन इंडिया, खण्ड २, पृष्ठ ७९३ । २. एल०, रॉबर्ट्सन बम्बई प्रान्तके पुलिस इंस्पेक्टर जनरल । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 15.pdf/४६७
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