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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 19.pdf/२२४

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१९६ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय १९. बंगाल तथा सुरमा घाटी बँगला कलकत्ता २०. आसाम २१. बर्मा असमिया बर्मी गोहाटी रंगून अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी समय-समयपर किन्हीं भी देशी रियासतोंको प्रान्तोंके साथ जोड़ सकती है और सम्बन्धित प्रान्तकी कांग्रेस कमेटी इस प्रकार जोड़ी गई देशी रियासतोंको अपनी परिसीमाके अन्तर्गत किसी भी जिलेको सौंप सकती है। मौजूदा प्रान्तीय कांग्रेस कमेटियाँ तदनुसार तुरन्त अपना पुनर्गठन करेंगी तथा इस प्रकारका पुनर्गठन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा संशोधित न किये जाने तक अन्तिम माना जायेगा । अनुच्छेद ६ (क) जिन प्रान्तोंके नाम ऊपरके अनुच्छेद में दिये गये हैं उनमें से प्रत्येक प्रान्त में उसी प्रान्तके लिए प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी होगी । (ख) तृतीय अनुच्छेद के अनुसार प्रत्येक प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी जिला तथा अन्य कमेटियोंको संगठित करेगी और इस कमेटीको यह अधिकार होगा कि वह सदस्य बनाने की शर्त निर्धारित करनेके लिए तथा उस प्रकारके कार्य संचालित करनेके लिए, जो इस संविधानसे अथवा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटीके द्वारा निर्मित नियमोंसे असंगत न बैठते हों, नियम बनाये । (ग) प्रत्येक प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी में वे प्रतिनिधि होंगे जिन्हें प्रतिवर्ष जिला कमेटियाँ तथा अन्य कमेटियाँ प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी द्वारा बनाये गये नियमोंके अनुसार चुनेंगी। अनुच्छेद ७ मताधिकार प्रत्येक व्यक्ति जो अनुच्छेद ४ में वर्णित निर्योग्यताओंसे मुक्त है तथा जो प्रति वर्ष चार आने शुल्कके रूप में देता है, प्रान्तीय कांग्रेस कमेटियों द्वारा नियन्त्रित किसी भी संस्थाका सदस्य बन सकता है । अनुच्छेद ८ निर्वाचकगण तथा प्रतिनिधि कांग्रेस अधिवेशन में भेजे जानेवाले प्रतिनिधिको चुननेका उत्तरदायित्व विभिन्न प्रान्तीय कांग्रेस कमेटियोंका होगा । २१ वर्षसे कम अवस्थावाला या कांग्रेसके उद्देश्य में विश्वास न रखनेवाला कोई भी व्यक्ति निर्वाचनके योग्य नहीं समझा जायेगा । प्रतिनिधियोंकी संख्या प्रान्तके हर ५०,००० लोगोंपर एकसे अधिक नहीं होगी । यदि किसी क्षेत्र में ५० हजारसे कम निवासी हों तो भी एक ही प्रतिनिधि होगा। पिछली जनगणना के अनुसार भारतीय रियासतें भी इसमें शामिल हैं; किन्तु भारतीय रियासतोंके Gandhi Heritage Portal