सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 19.pdf/५९०

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

________________

२७८. सन्देश : सत्याग्रह सप्ताह के अन्तिम दिनके लिए [ १३ अप्रैल, १९२१ के पूर्व ] आजका दिवस इस पवित्र सप्ताहका अन्तिम दिवस है। श्रद्धालु जन इस दिन अवश्य उपवास करें, और प्रार्थना करें। मेरे हृदयकी तो यही कामना है कि पराधीनता- की दशामें यह हमारी अन्तिम तेरह अप्रैल हो; लेकिन यह कोई मेरे हाथमें नहीं है । ईश्वरके हाथमें भी नहीं है । स्वराज्यका दान तो ईश्वर भी नहीं करेगा । स्वराज्यकी प्राप्ति तो हमें अपने परिश्रमसे करनी है और उसे प्राप्त करनेका एक ही रास्ता है । हम समझ लें कि स्वराज्य क्या है और उसके अनुसार आचरण करें; बस, स्वराज्य हो गया । हमें इसी वर्षके भीतर विदेशी कपड़ेका बहिष्कार करना है। इस बहिष्कार- के लिए सबको अपने शरीरकी और अपनी सन्दूककी जाँच कर लेनी चाहिए। परदेशी कपड़ेका तुरन्त त्याग कर देना चाहिए। दूसरे क्या करते हैं; उसका खयाल ही नहीं करना है । कमसे कम कपड़ोंसे निर्वाह करनेकी आदत डाल लेनी चाहिए और खुद चरखा चलाना चाहिए और दूसरोंको भी चलानेकी सलाह देनी चाहिए । [ गुजरातीसे ] नवजीवन, १४-४-१९२१ २७९. टिप्पणियाँ असहयोग स्थगित कर दो श्री सैयद रजा अलीने एक खुला पत्र लिखकर मुझे सलाह दी है कि मैं लॉर्ड रीडिंगको शान्त वातावरण में परिस्थितिका अध्ययन करनेका मौका देनेके लिए, असहयोग स्थगित कर दूँ । पहली बात तो यह है कि मुझे वातावरणमें ऐसा कुछ नहीं दिखाई देता जो परिस्थितिके अध्ययनमें बाधा पहुँचाए। दूसरे, जो कुछ भी अशान्ति है, वह या तो अधिकारियों द्वारा पैदा की हुई है, या फिर स्थितिपर जिस बुरे ढंगसे काबू पानेकी कोशिश की गई उसके कारण रक्तपात हुआ है। मध्यप्रान्तमें शराबका व्यापार ऐसी जनतापर थोपा जा रहा है जिसमें उसके विरुद्ध रोष व्याप्त है । मैंने अखबार नहीं पढ़े और इसलिए रायबरेली के सम्बन्धमें कह सकने योग्य मेरे पास पर्याप्त तथ्य नहीं हैं । जो भी हो, श्री रजा अलीको ऐसा अनुरोध स्थायी अधिकारियोंसे करना चाहिए, जो लोगोंको उभाड़ रहे हैं और देशमें आतंक फैला रहे हैं। तीसरे, यह बात चाहने पर भी किसी एक आदमीके बसकी नहीं है कि वह एक ऐसे आन्दोलनको स्थगित कर दे, १. यह सन्देश १३ अप्रैलको समाचारपत्रोंमें प्रकाशित किये जानेके उद्देश्यसे दिया गया था । २. इलाहाबादके एक प्रतिष्ठत और प्रमुख वकील । Gandhi Heritage Portal