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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 19.pdf/५९६

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५६८ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय एक निःस्वार्थ और उत्साही कार्यकर्त्ता हैं । उनका अपने जिलेमें बहुत प्रभाव है । ऐसा लगता है कि सरकारका इरादा सभी बड़े-बड़े व्यक्तियोंको बन्द कर देनेका है। किन्तु मैं समझता हूँ, सरकारको पता चलेगा कि जितने व्यक्तियोंको वह बन्द कर सकती है, उससे कहीं अधिक संख्या में बड़े-बड़े व्यक्ति मौजूद हैं। [ अंग्रेजीसे ] यंग इंडिया, १३-४-१९२१ २८०. राष्ट्रीय झंडा सब राष्ट्रोंके लिए झंडा आवश्यक है। करोड़ोंने उसके लिए प्राण दिये हैं। निस्स- न्देह यह एक ऐसी मूर्ति-पूजा है जिसे नष्ट करना पाप होगा । सो इसलिए कि झंडा एक आदर्शका प्रतिनिधित्व करता है । 'यूनियन जैक' का फहराया जाना अंग्रेजोंके हृदयमें ऐसे भाव जगाता है, जिनकी गहराईको माप सकना कठिन होगा। अमेरिकावासियोंके लिए तारों और धारियोंवाले अपने झंडेका अपार महत्व है । चाँद-तारावाला झंडा इस्लाम के सर्वोत्तम शौर्यकी उद्भावना करता है । हम भारतीयोंके लिए -- हिन्दुओं, मुसलमानों, ईसाइयों, यहूदियों, पारसियों, तथा उन सभी के लिए जो भारतको अपना घर मानते हैं - यह आवश्यक है कि हम सबका एक झंडा हो और उसके लिए हम जियें और मरें । - मसूलीपट्टमके राष्ट्रीय महाविद्यालय के श्री पी० वेंकय्याने कुछ वर्षों पहले जनता सामने एक विचारोत्तेजक पुस्तिका रखी थी । उसमें अन्य राष्ट्रोंके झंडोंका वर्णन किया गया है तथा भारतके राष्ट्रीय झंडेके लिए नमूने प्रस्तुत किये गये हैं । यद्यपि मैंने श्री पी० वेंकय्याके उस उत्साहकी सदा प्रशंसा ही की है, जिसके साथ वे पिछले चार सालोंसे कांग्रेसके हर अधिवेशनमें निरन्तर राष्ट्रीय झंडेके प्रश्नको उठाते रहे हैं तथापि मेरे हृदयमें उनके विचारोंके प्रति कोई उत्साह जाग्रत नहीं हो सका और उन्होंने जो नमूने पेश किये उनमें मुझे ऐसा कुछ नहीं दिखाई पड़ा जो राष्ट्रकी भावनाओंको जगा सके। इसका श्रेय एक पंजाबी सज्जनको ही मिलना था। उन्होंने ऐसा सुझाव दिया जिसकी ओर सभीका ध्यान एकदम खिंच गया। वे थे जालंधर के लाला हंसराज, जिन्होंने चरखेकी सम्भावनाओंपर विचार करते हुए सुझाया था कि चरखेको हमारे स्वराज्यके झंडेमें स्थान मिलना चाहिए। मैं सुझावकी मौलिकताकी प्रशंसा किये बिना नहीं रह सका । बेजवाड़ामें मैंने श्री वेंकय्यासे एक ऐसा नमूना देने को कहा, जिसमें लाल ( हिन्दुओंका) तथा हरे (मुसलमानोंका) रंगकी पृष्ठभूमिपर चरखा हो। उनके उत्साही स्वभावके कारण तीन घंटेमें मेरे पास एक झंडा आ गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के समक्ष उसे प्रस्तुत करनेके लिए तबतक थोड़ा विलम्ब हो गया था । अच्छा ही हुआ । अधिक गहराईसे विचार करनेके बाद मुझे महसूस हुआ कि पृष्ठभूमिमें अन्य धर्मोका प्रतिनिधित्व भी होना चाहिए। हिन्दू-मुस्लिम एकता शब्द केवल इन दोनोंकी ही एकताका नहीं, बल्कि भारतमें बसनेवाले सभी धर्मके लोगोंकी एकताका प्रतीक Gandhi Heritage Portal