५९२ सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय दिसम्बर १४ : विद्यार्थियों की सभा, कलकत्तामें भाषण । दिसम्बर १५ : ढाकामें भाषण । दिसम्बर १८ : नागपुरकी सार्वजनिक सभामें भाषण । दिसम्बर २२ : डा० तेजबहादुर सप्रूकी वाइसरायकी कार्यकारिणी परिषदमें विधि-मन्त्रीके पदपर नियुक्ति । नागपुरमें गांधीजीने बुनकर परिषद् व अन्त्यज परिषद्की अध्यक्षता की। दिसम्बर २६ : विजयराघवाचार्यकी अध्यक्षतामें कांग्रेसका ३५ वाँ अधिवेशन नागपुरमें प्रारम्भ हुआ । दिसम्बर २८ : गांधीजीने विषय समितिकी बैठकमें कांग्रेसके नये सिद्धान्तसे सम्बन्धित प्रस्ताव पेश किया । बादमें खुले अधिवेशनमें उपर्युक्त प्रस्तावपर भाषण दिया । दिसम्बर २९ : लॉर्ड सिन्हाने बिहार और उड़ीसा के गवर्नरका कार्य-भार संभाला । नागपुर कांग्रेस अधिवेशनमें विदेशों में प्रचार करनेके सम्बन्धमें बोलते हुए गांधीजीने कहा कि ब्रिटिश कमेटी और उसके पत्र 'इंडिया' को बन्द कर दिया जाये । दिसम्बर ३० : कांग्रेस अधिवेशनमें असहयोग सम्बन्धी प्रस्तावपर भाषण । दिसम्बर ३१ : कांग्रेस अधिवेशन में तिलक स्मारक स्वराज्य कोषपर भाषणं । १९२१ जनवरी १: सुरेन्द्रनाथ बनर्जीको 'नाइट' की उपाधि दी गई । नागपुरमें गांधीजीने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी तथा कार्यसमितिकी बैठकों में भाग लिया । जनवरी ६ : छिंदवाड़ाकी सार्वजनिक सभामें गांधीजी द्वारा नागपुर कांग्रेसके प्रस्तावोंका स्पष्टीकरण । जनवरी ९ : लॉर्ड रीडिंग के वाइसराय और गवर्नर जनरल नियुक्त किये जानेकी घोषणा की गई। जनवरी १० : ड्यूक ऑफ कनॉट मद्रास पहुँचे । जनवरी १२ : गांधीजी द्वारा तैयार किया गया प्रान्तीय कांग्रेस समितियोंके नियमोंका मसविदा 'यंग इंडिया' में प्रकाशित हुआ । ड्यूक ऑफ कनॉट द्वारा मद्रासमें नई विधान परिषदका उद्घाटन । जनवरी १३ : गुजरात महाविद्यालय, अहमदाबादके विद्यार्थियोंके समक्ष भाषण जनवरी १५ : कर्नल तथा श्रीमती वैजवुड इंग्लैंड जानेके लिए मद्राससे कोलम्बो रवाना हुए । जनवरी १९ : नडियादमें गांधीजीने विद्यार्थियों, अध्यापकों और व्यापारियोंकी सभाओंमें भाषण दिये। वडतालकी सार्वजनिक सभा और साधुओंकी सभा में भाषण । 'यंग इंडिया' में बंगाली नवयुवकोंके नाम लिखे खुले पत्रमें गांधीजीने उनसे अहिंसामय असहयोग करने और कातना प्रारम्भ करनेका अनुरोध किया । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 19.pdf/६२०
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