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भाषण: बम्बई में शराबके ठेकेदारोंके समक्ष ४१३ चाहिए। बढ़िया महीन कपड़ोंके लिए आपको जापान, फ्रांस और चीनकी तरफ नहीं देखना चाहिए। आप सभीको हिन्दुओं और मुसलमानोंकी कामयाबीके लिए भगवान् से प्रार्थना करनी चाहिए, लेकिन आपकी प्रार्थनामें असर तभी पैदा होगा जब आपके दिल पवित्र हों और बदनपर स्वदेशी कपड़े हों। यह एक बड़ा मुश्किल-सा अहद है । लेकिन एक बार ऐसा अहद कर लेनेपर उसपर चलना सचमुच आसान हो जाता है । अन्त में महात्मा गांधीने वहाँ मौजूद सभी महिलाओंसे कहा कि वे या तो अपने विलायती कपड़े आग में झोंक दें या उनको स्मरना भेज दें। उन्होंने बोलनेकी दावत देने और पूरे ध्यानसे उनकी बात सुनने के लिए सभीको धन्यवाद दिया । [ अंग्रेजीसे ] बॉम्बे क्रॉनिकल, २०-७-१९२१ १९६. भाषण : बम्बई में शराबके ठेकेदारोंके समक्ष ' १९ जुलाई, १९२१ श्री गांधीने कहा : मैंने पिछली बार आप लोगोंको बतलाया था कि धरनेका सारा काम कांग्रेस कमेटीके हाथमें है और में तो आपको सलाह-भर दे सकता हूँ कि आपको क्या करना चाहिए। लेकिन आप लोगोंको मेरी सलाहका नतीजा मालूम ही है। कुछ ठेकेदारोंने सरकारके पास भेजा जानेवाला प्रार्थनापत्र देख ही लिया है; और चूँकि आप असहयोगी नहीं हैं, इसलिए आपके ऐसा करनेपर किसीको कोई एत- राज नहीं हो सकता। यदि आप असहयोगी होते तो शराबके ठेके न रखते। ठेकेदारोंको सरकारके पास प्रार्थनापत्र भेजने का पूरा अधिकार है। कहा गया है कि ठेकेदार सेवक हैं। अगर सेवक हैं, तो भी सरकारको अदा की गई फीसकी वापसीके लिए अपनी सरकारसे कहना कोई गलत बात नहीं है। सरकार आपके ठेके जबरन बन्द नहीं कर सकती। इसके लिए उसे एक नया कानून पास करना पड़ेगा। लेकिन ठेकेदार लोग अपनी अदा की गई फीस वापस लेकर अपने ठेके बन्द कर सकते हैं। धारवाड़ और अलीगढ़की दुःखद घटनाओंके बारेमें आपको मालूम ही है । मैं आपसे कहना चाहता हूँ कि इतने सारे लोगों के मरनेकी सबसे ज्यादा जिम्मेदारी शराब- के ठेकोंपर ही है। श्री शेरवानी अलीगढ़के एक बहुत ही जाने-माने प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। वे एक मुसलमान जमींदार परिवारके हैं और केम्ब्रिजके ग्रेजुएट हैं। अलीगढ़से मिले एक तारमें मुझे बतलाया गया है कि कल श्री शेरवानीको भी गिरफ्तार कर लिया गया। श्री शेरवानीने भीड़को शान्त करनेकी भरसक कोशिश की, उन्होंने भीड़को १. पारसी राजकीय सभाके तत्त्वावधान में मारवाड़ी विद्यालय हॉलमें एक सभा आयोजित की गई थी, जिसमें गांधीजीने शहर के शराबके हिन्दू और पारसी ठेकेदारोंके सामने भाषण दिया था । Gandhi Heritage Portal