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२०१० टिप्पणियाँ इन स्थितियोंमें आप क्या करें ? यदि आप बुनकर हैं और अपने देश, खिलाफत और पंजाबके बारेमें सोचते हैं तो - (१) आपको केवल हाथ-कते सूतका ही कपड़ा बुनना चाहिए, और उसका उतना ही पैसा लेना चाहिए जितने से कि आपकी जीविका चल जाये । आपको मोटा सूत बुननेकी दृष्टिसे अपने करघेमें आवश्यक परिवर्तन करनेसे सम्बन्धित सभी कठि- नाइयोंका हल निकालना चाहिए। (२) यदि आपको तानेके लिए हाथका कता सूत काममें लानेमें कोई कठिनाई हो तो आपको उसके लिए भारतीय मिलों द्वारा काते गये सूतको और बानेके लिए हाथका कता सूत काममें लाना चाहिए । (३) जहाँ यह भी सम्भव न हो, वहाँ आप ताने और बाने दोनोंके लिए मिलका [ देशी ] सूत काममें लायें । पर आपको अबसे रेशमी या सूती सभी प्रकारका विदेशी सूत काममें लाना बन्द कर देना चाहिए । यदि आप कांग्रेसके अधिकारी या कार्यकर्ता हैं तो आप अपने कार्यक्षेत्र के बुनकरोंके सामने ऊपर बताये गये सुझाव रखकर उन्हें इस ढंगको अपनानेके लिए समझायें-बुझायें और उनकी भरसक सहायता करें। यदि आप खरीददार हैं तो केवल सबसे अच्छी किस्मका कपड़ा खरीदनेका आग्रह कीजिए । पर यदि आपको कपड़ेकी वैसी पहचान न हो या उतना मँहगा खरीदनेकी सामर्थ्य न हो तो उससे हलके दर्जेका - दूसरे या तीसरे दर्जेका कपड़ा खरीदिए, पर किसी भी हालत में विदेशी कपड़ा या विदेशी सूतसे भारतमें बुना कपड़ा न खरीदिए । यदि आप गृहस्थ हैं तो (१) आपको अबसे किसी भी प्रकारका विदेशी कपड़ा न खरीदनेका दृढ़ निश्चय कर लेना चाहिए। (२) आपको अपने पड़ोसके बुनकरसे मिलना चाहिए और घरके कते सुतसे और उसके अभावमें भारतीय मिलके कते सूतसे अपने लिए पर्याप्त खादी तैयार करवा लेनी चाहिए। (३) आपको अपना सारा विदेशी कपड़ा कांग्रेस कमेटीको दे देना चाहिए। वह उसे नष्ट कर देगी या स्मरना या उसे भारतसे बाहर और कहीं भेज दिया जायेगा। १. देखिए " जलायें किसलिए ?", १७७-१९२१ । Gandhi Heritage Portal