टिप्पणियाँ ४२१ उसे लागत दामपर बेचना चाहिए; इस लागतमें भण्डार चलानेका खर्च शामिल होना चाहिए। दूसरे शब्दोंमें फिलहाल हर एक कांग्रेस कार्यालयको शान्तिपूर्ण अस्त्रोंके संग्रह और निर्माणका आगार बन जाना चाहिए। क्या यह असंगत या असम्भव माँग है ? क्या युद्धके समय इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मनीमें प्रत्येक काम कर सकनेवाला व्यक्ति युद्ध के उद्देश्योंको आगे बढ़ाने के लिए काम नहीं करता था ? यदि हम यह विश्वास करते हैं कि स्वराज्य स्वदेशीके बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता तो क्या उसका निष्कर्ष यह नहीं निकलता कि हमें सतत और बुद्धिमत्तापूर्वक अपना ध्यान अन्य सभी बातोंकी ओरसे हटाकर केवल बहिष्कार करने, विनिर्माण करने और वितरण करनेकी ओर लगाना चाहिए। सभाएँ और सभाओं में होनेवाले भावुकतापूर्ण ओजस्वी भाषण बन्द कर दिये जाने चाहिए। हमें शासकोंके विषयमें सोचनेकी अपेक्षा अपनी कमजोरियों और कमियोंके विषयमें सोचना चाहिए। शासकोंके विषयमें सोचनेसे तो केवल घृणा, दुर्बलता और विवशता ही उत्पन्न होगी। अपनी कमजोरियों और कमियोंके विषयमें सोचने और तदनुसार कार्य करनेसे हममें साहस, शक्ति और आशा जागेगी। इसलिए यदि हम सभाएँ या बैठकें करें तो वे बहिष्कार और विनिर्माणकी आवश्यकताको प्रदर्शित करने, तथा उसके लिए मार्ग दिखानेके लिए केवल कार्रवाई सम्बन्धी बैठकें होनी चाहिए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटीकी आगामी बैठक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटीकी होनेवाली बैठकपर बहुत-कुछ निर्भर है। वाद- विवाद या व्यर्थकी बातचीत के लिए हमारे पास समय नहीं है। हमें यह कहने में समर्थ होना चाहिए कि क्या भारतको अगले कुछ महीनोंमें स्वराज्यकी स्थापना और खिलाफत तथा पंजाबमें हुए गलत कामोंके प्रतिकारके लिए संगठित किया जा सकता है; क्या हम सफलता सम्बन्धी आवश्यक बातोंके लिए एकमत हैं, और क्या हम उसके लिए अपनी सम्पूर्ण शक्ति लगाकर काम करनेके लिए तैयार हैं ? आशा है कि उत्तरदायी अधिकारी अपने-अपने प्रान्तोंके विषयमें निम्नलिखित आँकड़े लेकर आयेंगे : (क) तिलक स्वराज्य-कोषकी राशि, (ख) कांग्रेस- रजिस्टरमें दर्ज सदस्योंकी संख्या, (ग) चालू चरखोंकी संख्या और उनसे आजतक हुआ उत्पादन, (घ) पींजनेवालों की संख्या, (ङ) (१) हाथसे कते सूत, (२) भारतीय मिलोंमें कते सूत, और (३) विदेशी सूतके बुनकरोंकी संख्या, (च) विदेशी वस्त्रोंका आयात करनेवालों की संख्या । साथ ही वे नागरिक सविनय अवज्ञा और करबन्दी आन्दोलनकी सम्भावनाओंके सम्बन्धमें आवश्यक सूचना देनेकी तैयारीसे भी आयेंगे । मुझे आशा है कि कमेटीकी यह बैठक कार्रवाई पूरी करनेके लिए होगी और इसमें निरर्थक वाद-विवादके द्वारा राष्ट्रीय समयका एक भी क्षण नष्ट न होने देनेकी सावधानी रखी जायेगी । Gandhi Heritage Portal
पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 20.pdf/४५३
दिखावट