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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 20.pdf/४६७

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२०९. भाषण : बम्बई में स्वदेशीपर' २१ जुलाई, १९२१ महात्मा गांधी जब बोलनेके लिए उठे तो उनके स्वागतमें जोरकी हर्षध्वनि हुई। उन्होंने कहा कि बहुत थोड़ा-सा ही अरसा बीतनेपर आज हम दुबारा इकट्ठे हुए हैं। पिछली बार तिलक स्वराज्य-कोषके लिए चन्दा करने के लिए मिले थे । उस अवसरपर सभामें कुछ स्त्रियाँ भी उपस्थित थीं । आज मुझे स्वदेशीके सम्बन्धमें कुछ कहना है । में निश्चित रूपसे नहीं कह सकता कि हम इस सालके अन्ततक विदेशी कपड़ेका पूर्ण बहिष्कार कर पायेंगे या नहीं। यदि आप सबने इस काममें मदद की तो सम्भव है कि हम शीघ्र ही अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकें । में गत सितम्बर माससे लोगोंते कहता आ रहा हूँ कि यदि भारतके लोगोंने राष्ट्रीय कार्यमें मदद की तो हम आगामी सितम्बरतक स्वराज्य पान में सफल हो जायेंगे । स्वदेशी आन्दोलन एक ऐसा आन्दोलन है जिसमें अमीर-गरीब दोनों ही खुशीसे भाग ले सकते हैं । यहाँ- तक कि सरकारी कर्मचारी भी निःसंकोच शुद्ध स्वदेशी वस्त्र पहन सकते हैं । मेरा विचार है कि यदि आप देशकी पुकारका अनुकूल उत्तर दे सकें तो में समक्षूंगा कि मेरा उद्देश्य पूरा हो गया । में आप लोगोंसे साफ-साफ कह दूँ कि ३१ जुलाईके बाद मैं आपसे स्वदेशी के बारेमें कुछ नहीं कहूँगा क्योंकि उससे पहले हर विदेशी चीजका पूर्ण बहिष्कार हो चुकेगा । आगे बोलते हुए गांधीजीने कहा, जब कोई व्यक्ति यह मानने लगता है कि असत्य बोलना बुरा है तभी वह समझ पाता है कि वह क्या कर रहा है। इसलिए मैं आप लोगोंसे कह रहा हूँ कि कुछ स्वदेशी और कुछ विदेशी वस्त्र पहनकर आप अपनेको धोखा न दें। सभी धर्मोके अनुसार यह मिथ्याचार कहा जायेगा । मैं गत ६ अप्रैलसे आपको बताता आ रहा हूँ कि जबतक हिन्दू यह नहीं समझ लेते कि मुसल- मानोंका साथ देकर ही वे खिलाफतकी गलतियां सुधरवा सकते हैं, और जबतक मुसलमान यह नहीं समझते कि हिन्दुओंका साथ देकर ही वे अपने उद्देश्यकी पूतिमें सफल हो सकते हैं तबतक आप स्वराज्यके लक्ष्यको प्राप्त करनेमें सफल नहीं हो सकते । कल मैं अपने भाई मौलाना और बहन नायड़के साथ पूनामें एक जगह से दूसरी जगह फिरता रहा और लोकमान्य तिलककी बरसी मनाने में मदद करता रहा । स्वर्गीय लोकमान्यकी खातिर मैंने वहाँ सुबह से लेकर राततक काम किया और जिन लोगोंके सामने भाषण दिया उन्हें विदेशों में बने सभी वस्त्रोंका बहिष्कार करनेके लिए समझाया। १. यह सभा मांडवीमें जिला कांग्रेस कमेटीके तत्त्वावधानमें रातको ९ बजे हुई थी। सभामें गांधीजीके अलावा श्रीमती सरोजिनी नायडूने भी भाषण दिया था । Gandhi Heritage Porta